अनेक वक्ताओं ने मंगलभावना में रखे विचार
09-11-2019 शनिवार, कुम्बलगोडु, बेंगलुरु, कर्नाटक। तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशम अधिशास्ता-शांतिदूत-अहिंसा यात्रा के प्रणेता-महातपस्वी आचार्यश्री महाश्रमणजी ने के पावन सानिध्य में आज अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के 53 वें राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभारंभ हुआ।
आचार्यवर ने युवाओं को प्रैरणा प्रदान करते हुए अपने उद्बोधन में रायपसेणीय आगम क्रम के आगे बढ़ाया केशी कुमारश्रमण और राजा प्रदेसी के व्याख्यान को व्याक्खित किया। साध्वीवर्या सम्बद्धयशा ने अपने वक्तव्य में सम्य्क्त्व की व्याख्या करते हुए आज नास्तिक और आस्तिक के बारे में फ़रमाया। प्रवचन में अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के अधिवेशन का शुभारंभ राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विमल कटारिया की अध्यक्षता में हुआ। आचार्य श्री महाश्रमण जी के सान्निध्य में “युवा गौरव” अलंकरण श्री महावीर रांका-गंगाशहर, श्री एकलव्य भंसाली-जोधपुर, “आचार्य महाप्रज्ञ प्रतिभा पुरस्कार” श्री रमेश सुतरिया-मुम्बई, “आचार्य महाश्रमण युवा व्यक्तित्व पुरस्कार” अरविन्द मांडोत – बेंगलुरु को प्रदान किया। इन प्रशस्ति पत्रों का वाचन मुकेश गुगलिया, पंकज डागा और रमेश डागा ने किया।साध्वी श्री नगीना श्री जी की पुस्तक “आत्मदर्पण “ का लोकार्पण जैन विश्व भारती द्वारा पूर्वअध्यक्ष रमेश जी बोहरा व्यवस्था समिति अध्यक्ष मूलचंद जी नाहर महा मंत्री दीप चंद जी नाहर द्वारा हुआ।इस अवसर पर युवा दृष्टि के आचार्य महाप्रज्ञ पर आधारित विशेषांक का लोकार्पण अभातेयुप टीम द्वारा किया गया।
आचार्य महाश्रमण चतुर्मास प्रवास व्यवस्था की तरफ से कृतज्ञता ज्ञापन क्रम में महासभा उपाध्यक्ष कन्हैयालाल गिड़िया, गुलाब बाँठिया, श्रीमती वीणा जी बैद ने भावाभिव्यक्ति दी। IPS. श्री शरतचंद्र (ADGP) ने शांतीदुत के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रवाश समिति कि तरफ ओर से उपाध्यक्ष बाबूलाल जी पोरवाल , तेजराज जी शर्मा ने मोमेंटो से सम्मान किया।
अभातेयुप 53 वां राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभारंभ, सम्मान समारोह का आयोजन

