मुंबई:बॉक्सर एमसी मैरी कॉम और निखत जरीन के बीच टोक्यो ओलिंपिक क्वालिफायर के लिए 51 किलोग्राम भार वर्ग में ट्रायल मुकाबला दिसंबर में हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार को बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) ने ट्रायल मैच कराने पर अपनी सहमति जता दी है। इस फैसले को बीएफआई के अध्यक्ष अजय सिंह को उनके कार्यालय में कर्मचारियों के माध्यम से पहुंचा दिया गया है। इसकी जानकारी जल्द ही दोनों खिलाड़ियों को भी भेज दी जाएगी। लोवलिना बोर्गोहेन को 69 किग्रा भार वर्ग में ट्रायल देना होगा।
ट्रायल पर फैसले को लेकर गुरुवार को बैठक स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) के मुख्यालय में हुई थी। इसमें बीएफआई और साई के पदाधिकारी के साथ महानिदेशक संदीप प्रधान, खेल मंत्रालय के एक अधिकारी, दो विदेशी कोच राफेल बर्गमैस्को और सैंटियागो नीवा शामिल थे।
मैरी कॉम इस साल वर्ल्ड चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीती थीं
मैरीकॉम इस साल वर्ल्ड चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीती थीं। उन्हें इसी के आधार पर ओलिंपिक क्वॉलिफायर्स में भेजने की बात चल रही थी। हालांकि, नियमों के मुताबिक वर्ल्ड चैम्पियनशिप में स्वर्ण या रजत पदक जीतने वाले बॉक्सर को ही ओलंपिक क्वालिफायर में सीधे एंट्री मिलती है। अन्य सभी को ट्रायल मैच खेलना होता है। टोक्यो ओलिंपिक के लिए क्वालिफायर मुकाबले चीन के वुहान में 3 से 14 फरवरी तक खेले जाएंगे।
निखत जरीन ने ट्रायल के लिए खेल मंत्री को पत्र लिखा था
बैठक मे यह साफ किया गया कि मैरी कॉम ने ट्रायल के लिए कभी भी इनकार नहीं किया, लेकिन अध्यक्ष अजय सिंह की यह निजी राय थी कि विश्व चैम्पियनशिप के प्रदर्शन को देखते हुए पदक विजेताओं का ट्रायल में नहीं भेजा जाए। अजय सिंह के इस बयान के बाद ही निखत जरीन ने खेल मंत्री किरण रिजिजू को ट्रायल के लिए पत्र लिखा था। उन्होंने कहा था, ‘मैं बचपन से ही मैरी कॉम से प्रेरित रही हूं। इस प्रेरणा के साथ न्याय करने का सबसे बेहतर तरीका यही हो सकता है कि मैं उनकी तरह एक महान मुक्केबाज बनने की कोशिश करूं। क्या मैरी कॉम खेल की इतनी बड़ी शख्सियत हैं कि उन्हें मुकाबले से दूर रखने की जरूरत है?’

