नई दिल्ली: इजरायली कंपनी के स्पाइवेर की मदद से वॉट्सऐप यूजर्स की जासूसी के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच आरोपों का दौर जारी है। शनिवार को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सरकार पर निशाना साधा। वहीं, भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने यूपीए सरकार के दौरान मंत्रियों और सैन्य अधिकारियों की जासूसी को लेकर विपक्ष पर सवाल उठाए।
वॉट्सऐप ने गुरुवार को इजरायली स्पाइवेयर की मदद से दुनियाभर में करीब 1400 वॉट्सऐप यूजर्स के फोन की जासूसी होने की पुष्टि की थी। सरकार ने मामला सामने आने के बाद कंपनी से रिपोर्ट मांगी थी।
सोनिया ने कहा, ‘‘मोदी सरकार द्वारा इजरायली पेगसस स्पाइवेयर के माध्यम से सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और नेताओं की जासूसी की गई। ये गतिविधियां न सिर्फ अवैध और असंवैधानिक हैं, बल्कि शर्मनाक हैं। इससे पहले राहुल गांधी और रणदीप सुरजेवाला ने भी भारतीय वॉट्सऐप यूजर्स की जासूसी के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया था।
नड्डा ने कहा- सरकार रुख स्पष्ट कर चुकी है
सोनिया के आरोप पर नड्डा ने कहा, ‘‘सरकार इस मामले पर पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर चुकी है। शायद सोनिया गांधी राष्ट्र को इस बारे में बता पाती कि यूपीए सरकार के दौरान 10 जनपथ में किसने प्रणब मुखर्जी के मंत्री कार्यकाल और जनरल वीके सिंह के सेना प्रमुख रहने के दौरान उनकी जासूसी करने की अनुमति दी थी।’’
मेरा फोन टैप हुआ, इसके सबूत हैं: ममता
- प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, ‘‘ये तथ्य है कि इजरायल की एनएसओ कंपनी ने सरकार को मशीन की आपूर्ति की थी। मेरा फोन भी टैप हुआ था। मैं इसके बारे में जानती हूं और इसके सबूत भी मेरे पास हैं। सरकार इजरायल की कंपनी का इस्तेमाल नेताओं, मीडिया के लोगों, वकीलों, जजों, आईएस, आईपीएस अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर नजर रखने के लिए कर रही है। ये गलत है।”
- ”पहले वॉट्सऐप सुरक्षित था। अब आपका लैंडलाइन, मोबाइल फोन और वॉट्सऐप मैसेज, कुछ भी सुरक्षित नहीं है। जासूसी की जा रही है। अब हमारे मैसेज रिकार्ड किए जा रहे हैं। ऐसे में हमारी सरकार अधिकारियों को कैसे निर्देश दे पाएगी। मैं प्रधानमंत्री से अनुरोध करती हूं कि वह इस मुद्दे पर ध्यान दें।”

