नई दिल्ली:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल के बीच बातचीत के बाद भारत, जर्मनी ने पांच संयुक्त आशय पत्रों (ज्वाइंट डिक्लरेशन ऑफ इंटेंट) पर दस्तखत किए। यहां मार्केल ने कहा कि जर्मनी और भारत के बीच समझौतों पर हस्ताक्षर इस बात का सबूत हैं कि नयी और उन्नत प्रौद्योगिकी की दिशा में रिश्ते आगे बढ़ रहे हैं। 5जी और कृत्रिम मेधा के क्षेत्र एक चुनौती हैं, इन पर साथ काम करना महत्वपूर्ण है। हम उन बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं से जुड़कर खुश होंगे जिनकी भारत परिकल्पना कर रहा है। मार्केल ने कहा कि वे अपने साथ स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइज के बिजनेस डेलिगेशन को साथ लाई है ताकि वे भारत में व्यापार कर सकें।
मार्केल ने कहा कि नई दिल्ली मेक इन इंडिया के जरिए भारत को आधुनिक औद्योगिक राष्ट्र बनाने को लेकर गंभीर है। इसके अलावा मार्केल ने यहां कहा कि मर्केल ने कहा कि यहां हमारा गर्मजोशी भरा और उदार स्वागत किया गया जिसके लिए मैं प्रधानमंत्री का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं। भारत का यह मेरा चौथा दौरा है और मैं यहां एक बेहद दिलचस्प कार्यक्रम में शरीक होने वाली हूं। जर्मनी की चांसलर ने कहा, ‘जर्मनी और भारत के बीच बेहद करीबी संबंध हैं। हम साझा रूचि के मुद्दों पर बातचीत करेंगे। हमारे बीच कई सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर होंगे और कई समझौते भी होंगे। यह दिखाता है कि हमारे संबंध बहुत गहरे और व्यापक हैं।’
उधर पीएम मोदी ने कहा कि साल 2022 में भारत की आजादी को 75 साल हो जाएंगे और तब तक हमने न्यू इंडिया के निर्माण का लक्ष्य रखा है। मोदी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार में तेजी लाने के लिये भारत और जर्मनी लगातार सहयोग करते रहेंगे।

