गुरुग्राम:हरियाणा की 14वीं विधानसभा चुनाव में एक ओर जहां राष्ट्रीय पार्टी के उम्मीदवारों और निर्दलीयों को जमकर वोट पड़े। वहीं बड़ी संख्या में मतदाताओं ने नोटा का भी बटन दबाया है।चारों विधानसभा क्षेत्रों में चार हजार 296 मतदाताओं ने किसी पार्टी या निर्दलीय उम्मीदवार को वोट डालने की बजाय नोटा को वोट डाला है। इनमें से नोटा को सर्वाधिक वोट बादशाहपुर विधानसभा में पड़े हैं।
बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल 226990 मतदाताओं ने वोट डाला। इनमें से 1654 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया। नोटा दबाने में दूसरे नंबर पर गुरुग्राम विधानसभा क्षेत्र के मतदाता रहे। यहां से विधानसभा चुनाव में 189116 मतदाताओं ने अपना वोट डाला है। इनमें से 1317 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया है।
तीसरे नंबर पर नोटा का बटन दबाने वालों में पटौदी विधानसभा क्षेत्र के मतदाता रहे। पटौदी के 732 मतदाताओं ने अपना मत नोटा को डाला है। जबकि इस विधानसभा क्षेत्र से कुल 137194 मतदाताओं ने वोट डाला है।
इसी प्रकार सोहना विधानसभा क्षेत्र में भी 593 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया। मतदान करने वाले कुल मतदाताओं की संख्या सोहना विधानसभा क्षेत्र में 163499 दर्ज की गई है। यह आंकड़े चुनाव आयोग ने अपनी वेबसाइट पर साझा किए हैं।
नो वर्क-नो वोट हो सकता है कारण : जानकारों की मानें तो बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र में नोटा को सबसे ज्यादा वोट मिलने का एक कारण नो वर्क-नो वोट भी हो सकता है। चुनाव से पहले ही बादशाहपुर विधानसभा में रहने वाले खासतौर पर सोसाइटियों में रहने वाले मतदाताओं ने पहले ही चेता दिया था कि विकास के नाम पर ही वे वोट करेंगे। क्षेत्र में पांच सालों में कोई विकास नहीं दिखा, उनकी समस्याएं भी काफी समय से लंबित हैं।

