कराची:पाकिस्तान और श्रीलंका के क्रिकेट संबंधों में तनातनी का नया दौर शुरू हो गया। वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के तहत श्रीलंका को दो टेस्ट पाकिस्तान में खेलने हैं। लेकिन, श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड (एसएलसी) इसके लिए तैयार नहीं है। उसने यह सीरीज यूएई में खेलने का विकल्प रखा। इस पर पाकिस्ताल क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने कहा- हम यूएई में यह सीरीज आयोजित करने को तैयार हैं। लेकिन, इसका खर्च एसएलसी को भी शेयर करना होगा। बता दें कि हाल ही में श्रीलंकाई टीम ने वनडे और टी20 सीरीज पाकिस्तान में खेली। लेकिन, उसके प्लेयर्स यहां टेस्ट सीरीज नहीं खेलना चाहते।
श्रीलंका को मजबूर करना चाहता है पाकिस्तान
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, वनडे और टी20 में श्रीलंका की मेजबानी करने के बाद पीसीबी चाहता है कि श्रीलंका टेस्ट सीरीज भी यहीं खेले। लेकिन, श्रीलंका इसके लिए कतई तैयार नहीं है। उसने यह बात पीसीबी को दो महीने पहले ही बता दी थी। पीसीबी के एक अफसर ने कहा, “पीसीबी चेयरमैन एहसान मनी और सीईओ हाल ही में आईसीसी की एक मीटिंग के लिए दुबई में थे। वहां उन्होंने श्रीलंकाई बोर्ड के अफसरों को बता दिया है कि अगर श्रीलंकाई टीम यूएई में टेस्ट सीरीज खेलना चाहती है तो उसे आयोजन का खर्च शेयर करना होगा।”
लेकिन, जिम्मेदारी किसकी
आईसीसी के नियमों के मुताबिक, मेजबानी करने वाली टीम को ही सीरीज के आयोजन का पूरा खर्च वहन होता है। पीसीबी चाहता है कि श्रीलंकाई टीम के पाकिस्तान आने से उसकी अंतरराष्ट्रीय छवि सुधरे। इससे अन्य टीमों के पाकिस्तान आने का रास्ता भी खुल जाएगा। हालांकि, वनडे और टी20 सीरीज के लिए ही श्रीलंकाई बोर्ड को बड़ी मुश्किल के बाद राजी किया जा सका था। स्वदेश वापसी के बाद श्रीलंकाई बोर्ड प्रेसिडेंट शम्मी सिल्वा ने कहा था- पाकिस्तान में हमारे खिलाड़ियों का दम घुट रहा था। वो मैदान से होटल के अलावा कहीं नहीं जा सकते थे। इस बयान का पीसीबी ने सख्त विरोध किया था। अब टेस्ट सीरीज को लेकर दोनों बोर्ड आमने-सामने हो गए हैं। शॉर्टर फॉर्मेट्स के लिए भी श्रीलंका के 10 मुख्य खिलाड़ी पाकिस्तान नहीं गए थे। बांग्लादेश को भी जनवरी में पाकिस्तान का दौरा करना है लेकिन उसने भी अब तक इसके लिए हरी झंडी नहीं दी है।
पीसीबी ने कहा- श्रीलंका टेस्ट सीरीज पाकिस्तान में नहीं खेलना चाहती तो उसे यूएई का खर्च शेयर करना होगा

