लखनऊ:खनन घोटाले में सीबीआई की छापेमारी के बाद दो आईएएस सहित सहारनपुर के पूर्व एमएलसी और अन्य बसपा नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वर्तमान में खादी ग्रामोद्योग विभाग में सचिव के पद पर तैनात अजय कुमार सिंह के लखनऊ में सीएसआई टावर स्थित आवास पर छापेमारी के दौरान लगभग 15 लाख रुपये नकद बरामद होने की चर्चा है। इसके अलावा आईएएस पवन कुमार पर भी कार्रवाई हुई। ये दोनों खनन घोटाले के दौरान सहारनपुर में डीएम रहे थे।
सीबीआई ने इस मामले में सहारनपुर के तत्कालीन डीएम रहे आईएएस अजय कुमार सिंह और पवन कुमार के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर ली है। इसके अलावा बसपा नेता और पूर्व एमएलसी महमूद अली, दिलशाद, इनाम, महबूब आलम (अब मृत), नसीम अहमद, अमित जैन, विकास अग्रवाल, पूर्व एमएलसी मोहम्मद इकबाल के बेटे मोहम्मद वाजिद, मुकेश जैन और पुनीत जैन के खिलाफ भी नामजद केस दर्ज कराया है।
क्या है एफआईआर में
सीबीआई ने अपनी एफआईआर में लिखा है कि 13 बालू खदानों को अनियमित तरीके से चहेतों को बांटा गया। इसमें बसपा सरकार में खनन मंत्री इंद्रजीत सरोज की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि अभी उनका नाम एफआईआर में नहीं है। मंगलवार को सीबीआई ने दोनों आईएएस अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी की। अजय सिंह के यहां नकदी के अलावा अचल संपत्ति के कागजात भी बरामद हुए हैं। वहीं पवन कुमार के यहां से भी अचल संपत्ति के कागज आदि बरामद हुए हैं। सीबीआई की टीमों ने लखनऊ के साथ ही सहारनपुर और देहरादून में बसपा नेताओं के ठिकानों पर छापे की कार्रवाई की।
सहारनपुर के बसपा नेता व पूर्व एमएलसी के परिजनों पर भी कार्रवाई
सहारनपुर से बसपा नेता व पूर्व एमएलसी महमूद अली और उनके भाई पूर्व एमएलसी हाजी मोहम्मद इकबाल के बेटे मोहम्मद वाजिद के 11 ठिकानों पर सीबीआई ने छापेमारी की। खनन घोटाले में सीबीआई ने पूर्व एमएलसी के सहारनपुर, लखनऊ और देहरादून ठिकानों पर तलाशी ली। हालांकि अब तक किसी तरह की बरामदगी या गिरफ्तारी की अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इससे पहले भी ईडी और सीबीआई अलग-अलग मामलों में छापेमारी कर चुकी हैं।
पिछली सरकारों के दौरान हुए खनन घोटाले में हाईकोर्ट के निर्देश पर चल रही सीबीआई जांच में इस परिवार और इनसे जुड़े अन्य लोगों का नाम सामने आया। इसी क्रम में सीबीआई ने मंगलवार सुबह एक साथ कई शहरों में कार्रवाई शुरू की। सहारनपुर में पूर्व एमएलसी के आवास, कार्यालय और अन्य ठिकानों को अफसरों ने खंगाला। इसके अलावा इनके करीबियों के यहां भी खोजबीन की गई।
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि कुछ अहम दस्तावेज, कागजात आदि जब्त किए गए हैं लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। सीबीआई अफसरों ने छापेमारी के दौरान वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की गई। पूर्व एमएलसी के परिवार का नाम चीनी घोटाले और मनी लाड्रिंग जैसे मामलों में सामने आ चुका है।
अब तक फंसे सात आईएएस अधिकारी
सीबीआई ने इससे पहले आईएएस अधिकारी चंद्रकला, बुलंदशहर के तत्कालीन डीएम अभय सिंह, कौशल विकास विकास मिशन के एमडी रहे आईएएस विवेक कुमार के अलावा सीडीओ आजमगढ़ रहे देवी सरन उपाध्याय के यहां भी छापेमारी की थी। देवी सरन को छोड़ अन्य सभी को सीबीआई ने खनन घोटाले में नामजद भी किया है। खनन घोटाले में प्रमुख सचिव जीवेश नंदन, संतोष कुमार पर भी एफआईआर हो चुकी है।
अब तक बरामद हुए 50 लाख
आईएएस अभय कुमार के यहां से 40 लाख रुपये और देवी सरन उपाध्याय के यहां से 10 लाख रुपये नगद बरामद हुए थे इसकी जांच अलग चल रही है।
अब तक फंसे नेता
पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति, सपा एमएलसी रमेश मिश्र, बसपा नेता संजय दीक्षित और बसपा नेता राम औतार राजपूत के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज हो चुकी है।

