वाशी। पर्युषण महापर्व के इस पावन अवसर पर वाणी संयम दिवस का आचार्य श्री महाश्रमण जी के उपासक श्रेणी से उपासक प्रवक्ता श्रीमान सुरेश जी बाफना उपासक श्रीमान कांतिलाल जी के तत्वाधान में नमस्कार महामंत्र का उच्चारण करवाते हुए मंगलाचरण नेरुल महिला मंडल द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रवक्ता उपासक सुरेश जी बाफना ने अपने वक्तव्य में कहा कि क्षमता होते हुए भी अपनी वाणी का संयम करना या संयम पूर्वक बोलना ही वाणी संयम होता है। वाणी को लंबाकर बोलना एवं बिना सार पूर्व बोलना ये दो वाणी के विष बताए गए हैं। वाणी से ही कोई व्यक्ति दिल में उतर जाता है और कोई दिल से उतर जाता है अपने मन की संपूर्ण बात को दूसरे तक पहुंचाने का एकमात्र कोई साधन है तो वह वाणी जिसको खाना नहीं आता वह पेट बिगाड़ता है और जिसे बोलना नहीं आता है वह अपना जीवन बिगाड़ता है।
द्रोपदी का एक वाक्य अंधे का बेटा अंधा होता है और महाभारत का युद्ध हो गया बोलने के संदर्भ में चार बातों का ध्यान रखना चाहिए अल्प भाषिता मधुर भाषिता यथार्थ भाषिता पंरिख भाषिता इसके साथ वाहन चलाते समय विपत्ति के समय आवेश के समय शमशान में और शोक सभा में मौन का अभ्यास किया जाए वाणी में मधुरता भावों में निर्मलता व्यवहार में शालीनता चेहरे पर प्रसन्नता को लेकर अपने जीवन को अच्छा बनाया जा सकता है। उपासक कांतिलाल जी मेहता ने कहां की व्यक्ति को अतीत के कलह की उदीरणा न करनी चाहिए मनुष्य के पास तीन शक्तियां होती हैं। मन की वचन की और शरीर की इन शक्तियों को कब खर्च करना और खर्च की शक्तियों को पुनः कैसे प्राप्त करना इसका ध्यान रखना जरूरी होता है। कुछ व्यक्ति वाणी से दिलों को आग आग तो कुछ व्यक्ति बागबाग कर देते हैं बांसुरी के 3 गुण बिना बताए बजती नहीं बजती है तो मीठी बजती हे और उसमें गांठ नहीं होती हैं यह 3 गुण हमारे भी आए यही काम्य हे वाणी का प्रयोग करते समय सत्य वचन प्रिय वचन और हितकर वचन बोलना चाहिए मीठे बोलने से कहीं काम सफल हो जाते हैं इनको हमारे जीवन में लाने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए मोहनलाल जी चापलोत सुंदरलाल जी राठौड़ मनोहरलालजी संचेती गजेंद्रजी चंडालिया महावीरजी ओस्तवाल सुनीलजी मेहता संजयजी बाफना महावीरजी हिरण प्रवीणजी चोरड़िया पंकजजी भटेवरा चिरागजी आच्छा जीतूजी कटारिया संदीपजी दुग्गल मनोहरजी गुंदेचा बसंतजी लोढ़ा कैलाशजी गुंडेचा प्रकाशजी संचेती विमलजी श्रीमाल गणपतलालजी गुंदेचा विकासजी मादरेचा राजूजी कावड़िया राकेशजी राठौड़ का पूरा भरपूर सहयोग मिला रेखा कोठारी मंजू परमार सेजल सियाल सुनीता राका तरुण चपलोंत कार्यक्रम का कुशल संचालन तेरापंथ महिला मंडल कोषाध्यक्ष रक्ष्मी जी बागरेचा ने किया यह जानकारी तेरापंथ युवक परिषद सह मंत्री हरीश गादिया ने दी।

वाशीः दुनिया को अपना बनाने का एकमात्र उपाय-वाणी संयम

