दिल्ली। मोमासर निवासी दिल्ली लाजपत नगर प्रवासी अमृतवाणी के संरक्षक “युवक रत्न” सुखराज जी सेठिया के १० दिन की तपस्या का 22 अगस्त को सुबह 9:15 बजे जैन संस्कार विधि से सह कुशल पारणा हुआ। संस्कारक श्री सुशील डागा ने परमेष्टि वन्दना से कार्यक्रम की सुरुवात की। घर के सबसे छोटे सदस्य मास्टर विहान सेठिया ने दादाजी का पारणा करवाया।
इस अवसर पर ‘युवा गौरव’ पुखराज जी सेठिया ने उनके तपस्या के गुणों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में उपस्थित जन ने तप की अनुमोदना की। मंगल पाठ के उच्चारण से कार्यक्रम का समावेश हुआ। इस कार्यक्रम में तेरापंथ समाज के अतिरिक्त आरएसएस , जीतो वह अन्य संस्थाओं के गणमान्य लोगों की उपस्थिति थी।
जैन संस्कार विधि से तप संपूर्ति संस्कार

