नई दिल्ली:रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक में रेपो रेट में 35 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है। अब रेपो रेट 5.40 फीसदी पर आ गई है। वहीं रिवर्स रेपो रेट 5.15 फीसदी कर दी है। अर्थव्यवस्था में सुस्ती के संकेतों के बीच रिजर्व बैंक आज बुधवार को चालू वित्त वर्ष की तीसरी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा में लगातार चौथी बार ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती की है। इसका सीधा असर होम लोन, कार लोन पर पड़ेगा।
ब्याज दरों में कटौती का था दबाव
रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकान्त दास की अगुवाई वाली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) प्रणाली की बैठक सोमवार 5 अगस्त को शुरू हुई थी। ऐसा माना जा रहा था कि नकदी की स्थिति में सुधार और ब्याज दरों में कटौती का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए भी कदम उठा सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार बैंकों पर भी ग्राहकों को बड़ी राहत देने का दबाव होगा। एमपीसी की बैठक 5 से 7 अगस्त तक तीन दिन चलनी थी।
एक्सपर्ट को मुताबिक ब्याज दरें कम करने की थी जरूरत
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजकिरण राय ने कहा कि एमपीसी इस बार भी ब्याज दर में चौथाई प्रतिशत की कटौती करनी चाहिए। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने कहा कि रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में कटौती का चक्र फरवरी, 2019 से शुरू किया था। हालांकि, अंतिम उपभोक्ता तक कटौती का लाभ काफी धीमी गति से स्थानांतरित हो रहा है।
RBI Monetary Policy: रेपो रेट में 0.35% कटौती, होम लोन होगा सस्ता

