– 6000 लोग एक साथ केम्पस में ठहरने कि क्षमता उपलब्ध*
– 396 दो बेडरूम, 240 सिंगल बेडरूम, 650 सिंगल कमरा , 15 बेड वाली 40 डोरमेट्री
आचार्य महाश्रमण चातुर्मास प्रवास स्थल, बेंगलुरु। पूज्य गुरूदेव आचार्य श्री तुलसी के चातुर्मास के 50 वर्षों के बाद महातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमण जी बेंगलुरु चातुर्मास हेतु पधारे । ईस चातुर्मास को ऐतिहासिक बनाने के लिए बेंगलुरू वासियों ने आचार्य महाश्रमण चातुर्मास प्रवास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष श्री मूलचंद नाहर के नेतृत्व में आने वाले अतिथियों की सुविधा हेतु ऐतिहासिक व्यवस्था की है । 47 एकड़ के विशाल भूखंड में निर्मित प्रवास स्थल कुम्बलगोडू का कण कण आचार्य महाश्रमण के पावस प्रवास से प्रफुल्लित है ।
तेरापंथ धर्मसंघ के आज तक के इतिहास की सबसे बड़ी व्यवस्था की गई है । प्रवास स्थल पर कुल 6000 श्रावक एक समय में ठहर सकते हैं । श्रावकों के सुविधा एवं जरूरत के हिसाब से सिंगल कमरा, डोरमेट्री, एक रूम विथ टाइलेट,1BHK, 2 BHK सहित सभी सुविधाएं प्रदान की गई है । विशाल परिसर के अंदर सुगम आवागमन हेतु निःशुल्क ऑटो की गई है ।
396 दो बेडरूम के कुटीर एवं 240 सिंगल बेडरूम के कुटीर के साथ 650 सिंगल कुटीर सहित 15 बेड वाली 40 डोरमेट्री की सुंदर व्यवस्था चातुर्मास स्थल परिसर में उपलब्ध करवाई गई है । कैंपस में सिंगल रूम व 14 सिंगल बेडरूम फ्लैट्स की व्यवस्था प्रधान की गयी है ।बयहां के कर्मचारियों के लिए 500 व्यक्तियों की क्षमता वाली डोरमेट्री की अलग व्यवस्था भी की गयी है ।

