डोम्बिवली। करुणा के महासागर आचार्य श्री महाश्रमण जी की विदुषी शिष्या शासन श्री साध्वी श्री सोमलता जी एवं साध्वीवृदं के सान्निध्य में फ्रेंडशिप डे का कार्यक्रम कन्या मंडल – किशोर मंडल, डोंबिवली के तत्वावधान में भव्य रूप में आयोजित हुआ। “मैत्री की महक” फैलाने वाले कप्पल फ्रेंड्स का एक वेशभूषा में तेरापंथ भवन के हॉल में प्रवेश किया तो वातावरण खुशियों से परिपूर्ण हो गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ नमस्कार महामंत्र से हुआ। “लक्ष्य है ऊंचा हमारा” गीत का संगान करके किशोरों ने लक्षित मंजिल पर विजय प्राप्त करने की कामना व्यक्त की। कन्या मंडल प्रभारी ममता जी सिंघवी ने स्वागत भाषण दिया।
इस अवसर पर शासन श्री साध्वी श्री सोमलता जी ने कहा – दो अक्षर के मित्र शब्द की महिमा अपरम्पार है। यह मैत्री का प्रतीक है। मैत्री का हाथ प्राणीमात्र के साथ होना चाहिए। मैत्री की महक कैसे फैले यानि निजी दोस्त का चुनाव कैसे करे? इस विषय पर चर्चा करते हुए आपने कहा – पत्नी के चयन से ज्यादा सावधानी दोस्त के चयन में होना चाहिए क्योंकि वह हमारा सहचर होता है इसलिए हमेशा सदाचारी, सुसंस्कारी को अपना मित्र बनाये। अच्छा मित्र ही हमारे अच्छे चरित्र का मालिक होता है। साध्वी श्री जी ने आगे कहा – मित्रता दूध – पानी की तरह होनी चाहिए। अच्छे मित्र के लिए अपने जीवन की कुर्बानी देने में संकोच नहीं करना चाहिए। स्वार्थी मित्रो से दूर रहे। युवक युवतियों को मित्र बनाए तो मर्यादा को गौण न करे। जहां तक हो सके समलिंग वालो के साथ मित्रता करे।
साध्वी श्री संचितयशा जी ने “बुद्धि का ताला खोलो” प्रतियोगिता कराई। साध्वी श्री रक्षितयशा जी ने खुश रहने के नुस्खे बताये। साध्वी श्री शकुन्तला कुमारी जी व जागृत प्रभाजी ने अपने मौन मुक भावों से प्रगति के सोपान पर चढ़ने की प्रेरणा दी। कन्या मंडल ने “अच्छे – बुरे दोस्त की पहचान” पर नाटिका प्रस्तुत की। किशोर मंडल व कन्या मंडल ने FRIEND शब्द के अक्षरों पर अपने सुंदर भावों की अभिव्यक्ति दी।
गरिमामयी उपस्थिती महिला मंडल संयोजिका मधु कोठारी सहसंयोजिका रीना हिंगड अनिता बड़ाला कन्यामंडल सहप्रभारी कविता संचेती एवं महिला मंडल की बहनों की रही। कार्यक्रम का कुशल संचालन किशोर मंडल संयोजक मीत मादरेचा और सहसंयोजक तनिश कोठारी एवं आभारज्ञापन किशोरमंडल प्रभारी दिपक बाफना ने किया।
फ्रेंडशिप डे पर डोम्बिवली में ‘मैत्री की महक’

