बेंगलुरु: कर्नाटक में 13 महीने पुरानी कांग्रेस-जेडीएस की गठबंधन सरकार पर खतरा मंडराने लगा है। कांग्रेस और जेडीएस के 12 विधायकों के इस्तीफा देने की अटकलें हैं। नाराज विधायक स्पीकर रमेश कुमार से मिलने विधानसभा पहुंचे। लेकिन मुलाकात न होने के चलते सभी विधायक राज्यपाल से वाजूभाई वाला से मिलने पहुंचे हैं।
वहीं, रमेश कुमार ने सफाई में कहा कि मुझे अपनी बेटी को लेना था, इसलिए घर चला गया। मैंने अपने ऑफिस में बोल दिया था कि विधायकों का इस्तीफा रख लें और मुझे बता दें। कल (रविवार) को छुट्टी है, लिहाजा मैं सोमवार को ही मामला देख पाऊंगा।
रमेश पर ऑफिस से पहले ही निकलने का आरोप
विधायक रामालिंगा रेड्डी, बीसी पाटिल, रमेश जारकिहोली, उमेश कामतल्ली, जेएन गणेश, बी नागेंद्र, बास्वाराज, एच विश्वनाथ, नारायण गौड़ा और गोपालाइया स्पीकर से मिलने विधानसभा पहुंचे थे। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, स्पीकर रमेश कुमार विधायकों के पहुंचने से पहले ही विधानसभा से बाहर निकल गए। माना जा रहा है कि उन्हें पहले ही खबर मिल चुकी थी कि कांग्रेस और जेडीएस विधायक उनसे मुलाकात करने आ रहे हैं। इससे पहले सोमवार को आनंद सिंह ने इस्तीफा दे दिया था।
कई मुद्दों पर नजरअंदाज किया गया- कांग्रेस विधायक
कांग्रेस विधायक रामालिंगा ने कहा कि मैं स्पीकर को इस्तीफा सौंपने आया हूं। मुझे अपनी बेटी (विधायक सौम्या रेड्डी) के बारे में नहीं पता कि वे इस्तीफा देंगी या नहीं। मैं किसी पर आरोप नहीं लगा रहा। मुझे लगता है कि मुझे कई मुद्दों पर नजरअंदाज किया गया। इसलिए मैंने यह फैसला लिया।
कोई इस्तीफा नहीं देगा- कांग्रेस
राज्य के उप मुख्यमंत्री जी परमेश्वर और डीके शिवकुमार ने बेंगलुरु में विधायकों और पार्षदों की बैठक बुलाई है। शिवकुमार ने कहा कि कोई इस्तीफा नहीं देगा। मैं उन विधायकों से मिलने जा रहा हूं।
कर्नाटक विधानसभा की मौजूदा स्थिति
| पार्टी | सीट |
| भाजपा | 105 |
| कांग्रेस | 78 |
| जेडीएस | 37 |
| बसपा | 1 |
| केपीजेपी | 1 |
| निर्दलीय | 1 |
*कांग्रेस के टिकट से जीते रमेश कुमार मौजूदा विधानसभा अध्यक्ष हैं।
12 विधायकों के इस्तीफे के बाद क्या होगी स्थिति
अगर 12 विधायक विधानसभा से इस्तीफा देते हैं तो विधानसभा में कुल 212 सदस्य रह जाएंगे। विधानसभा अध्यक्ष को छोड़कर ये संख्या 211 रह जाएगी। ऐसे में बहुमत के लिए 106 विधायकों की जरूरत होगी।
निर्दलियों के समर्थन से बन सकती है भाजपा सरकार
ऐसी अटकलें हैं कि दो निर्दलीय विधायक कुमारस्वामी सरकार की कैबिनेट से मंत्री का पद छोड़ सकते हैं। ये दोनों विधायक भाजपा को समर्थन दे सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो भाजपा के पास 107 विधायकों का समर्थन होगा। जो सरकार बनाने के लिए काफी है।

