मुंबई:महाराष्ट्र में देरी से पहुंचने के बावजूद मानसून ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। झमाझम बारिश ने जून माह की औसत वर्षा का 97 फीसद कोटा पूरा कर दिया है। जिसमें से 46 फीसदी कोटा तो शनिवार और रविवार की बारिश से ही पूरा हो गया है। वहीं महाराष्ट्र में भारी बारिश की वजह से कई रेलवे ट्रैक पर पानी भर गया है और सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
– मुंबई में भारी बारिश की वजह से दादर पूर्व में सड़कों पर पानी भर जाने के बाद स्कूल जाते बच्चे
– मुंबई में भारी बारिश से पालघर में रेलवे ट्रैक पर पानी भरा, कई ट्रेनें प्रभावित।
– एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र में भारी और लगातार बारिश की वजह से मुंबई के सायन और मातुंगा रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर पानी भर गया है।
– मुंबई में पटरियों से मालगाड़ी उतर गई है और कई ट्रेनों के रूट बदलने पड़े। शनिवार सुबह सांताक्रूज इलाके में 234.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। रविवार को भी महानगर मुंबई के कई इलाकों में बारिश हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, जून में होने वाली औसत बारिश का 46 फीसदी कोटा शनिवार-रविवार को ही पूरा हो गया। मंगलवार से अब तक औसत की 97 फीसदी बारिश हो चुकी है।
ओडिशा में बाढ़ की आशंका :
ओडिशा में राज्य सरकार ने बंगाल की खाड़ी के पूर्वोत्तर में हवा का कम दबाव बनने के मद्देनजर राज्य में बाढ़ और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। आईएमडी के अनुसार, हवा का कम दबाव अगले 48 घंटों में बढ़कर तेज हो सकता है और इस कारण अगले तीन दिनों में राज्य में भारी बारिश हो सकती है। विशेष राहत आयुक्त विष्णुपद सेठी ने कहा कि खासतौर पर बालासोर, गजापट्टी, गंजम, कालाहांडी, कंधमाल, मलकानगिरि, मयूरभंज और नबरंगपुर जिलों में भारी बारिश हो सकती है और बाढ़ की आशंका है।
वलसाड में 10 घंटों में 203 मिमी बारिश :
गुजरात राज्य के दक्षिणी हिस्सों में रविवार को जबरदस्त बारिश हुई। अधिकारियों ने बताया कि नदियों का जलस्तर बढ़ने और कई इलाकों में जलभराव देख वलसाड जिले में बचाव टीमों को सतर्क किया गया है। वलसाड में रविवार सुबह से 10 घंटों में 203 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इस अवधि के दौरान जिले के वापी इलाके में 228 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। आईएमडी ने कहा कि दक्षिण गुजरात के नवसारी, वलसाड, नर्मदा, तापी और सूरत सहित अन्य क्षेत्रों में बीते 24 घंटों के दौरान ‘भारी बारिश’ के साथ-साथ ‘भारी से लेकर बेहद भारी बारिश’ दर्ज की गई।
जून महीने में बारिश सामान्य से 33 फीसदी कम
देश में जून महीने में बारिश सामान्य से 33 फीसदी कम दर्ज की गई है। मौसम विभाग के 28 फीसदी उपमंडलों में बारिश में कमी दर्ज की गई है और पांच उपमंडलों में बारिश सामान्य रही है। हालांकि, मानसून के इस सप्ताह और अधिक सक्रिय होने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अपर महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है जिससे मध्य भारत सहित ओडिशा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है।
दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल में मानसून की दस्तक अभी नहीं
महापात्रा ने कहा कि उत्तर भारत के हिस्सों दिल्ली, पंजाब और हरियाणा को इस कम दबाव के क्षेत्र से कोई फायदा नहीं मिलेगा और इस बात की संभावना क्षीण है कि इन राज्यों में इस वजह से बारिश होगी। तीस जून तक मानसून उत्तर भारत के कुछ इलाकों को छोड़कर पूरे देश में पहुंच चुका है। इसने अभी दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर में दस्तक नहीं दी है।
मौसम विभाग के 36 में से 28 उपमंडलों में बारिश ”कम दर्ज की गई है जबकि दो उपमंडलों में बारिश को ”अत्यधिक कमी” की श्रेणी में रखा गया है। केवल पांच उपमंडलों- कोंकण एवं गोवा, जम्मू और कश्मीर, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान और गुजरात में सामान्य वर्षा दर्ज की गई है। मानसून केरल के तट पर एक सप्ताह की देरी से आठ जून को पहुंचा था। उसके बाद अरब सागर में उठे ‘वायु चक्रवात’ की वजह से इसके आगे बढ़ने में बाधा पहुंची।
मध्य प्रदेश के जिले में बाढ़ के हालात
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में लगातार बारिश होने से बाढ़ के हालात बन गए हैं। बारिश में एक पेड़ की डाल गिरने से एक युवक की मौत हो गई। जिले में शनिवार दोपहर से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला रविवार शाम तक रुक-रुक कर जारी रहा। बीते 24 घंटों में बुरहानपुर और आसपास के गांवों में करीब 4 इंच बारिश होने से जनजीवन प्रभावित है।
मालगाड़ी पटरी से उतरी, कई रेलवे ट्रैक में पानी भरा, स्कूली बच्चों को भी दिक्कत

