नई दिल्ली:पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने ईवीएम विवाद (EVM Issue) को लेकर मंगलवार को कहा कि मैं मतदाताओं (Voters) के फैसले के साथ कथित छेड़छाड़ की खबरों को लेकर चिंतित हूं। उन्होंने कहा कि ईवीएम की सुरक्षा चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। पूर्व राष्ट्रपति मुखर्जी ने कहा कि संस्थागत विश्वसनीयता सुनिश्चित करने का दायित्व निर्वाचन आयोग पर है, उसे सभी अटकलों पर विराम लगाना चाहिए।
इससे पहले प्रणब मुखर्जी ने चुनाव आयोग की सोमवार को सराहना करते हुए कहा था कि 2019 का लोकसभा चुनाव शानदार तरीके से संपन्न कराया गया। मुखर्जी का यह बयान ऐसे समय आया है जब विपक्षी दल लगातार चुनाव आयोग को निशाना बना रहे हैं। मुखर्जी ने एक पुस्तक के विमोचन के मौके पर यहां कहा कि पहले चुनाव आयुक्त सुकुमार सेन के समय से लेकर मौजूदा चुनाव आयुक्तों तक संस्थान ने बहुत अच्छे से काम किया है।
उन्होंने कहा कि कार्यपालिका तीनों आयुक्तों को नियुक्त करती है और वे अपना काम अच्छे से कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘आप उनकी आलोचना नहीं कर सकते हैं, यह चुनाव का सही रवैया है।’
मालूम हो कि प्रणब मुखर्जी की इस टिप्पणी से एक दिन पहले कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष चुनाव आयोग का आत्मसमर्पण स्वाभाविक है और चुनाव आयोग अब निष्पक्ष या सम्मानित नहीं रह गया है। विपक्षी दल चुनाव आयोग के कथित तौर पर भाजपा के प्रति झुकाव रखने को लेकर आयोग की आलोचना करते रहे हैं।

