मुंबई:महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष का अगला नेता कौन होगा, इसे लेकर कांग्रेस में प्रतिस्पर्धा शुरू हो गई है। इसमें मुख्य रूप से तीन नाम सामने आ रहे हैं। पहला नाम है, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण का, दूसरा राज्य के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता बालासाहेब थोरात का और तीसरा महाराष्ट्र विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के उपनेता विजय वडेट्टीवार का।
बता दें कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राधाकृष्ण विखे पाटील ने, जो अबतक विपक्ष के नेता थे, लोकसभा चुनाव के दौरान नाराज होकर पद से इस्तीफा दे दिया है। अब महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव समाप्त हो गए हैं और विधानसभा चुनाव से पहले राज्य विधानमंडल का बजट सत्र होना है, जो इस विधानसभा का अंतिम सत्र भी होगा। इसे देखते हुए नेता प्रतिपक्ष पद के लिए कांग्रेस में होड़ मची है।
कांग्रेस में बालासाहेब थोरात और राधाकृष्ण विखे पाटील एक दूसरे के राजनीतिक दुश्मन हैं, क्योंकि दोनों की राजनीति अहमदनगर जिले से शुरू होती है और वहीं पर खत्म भी होती है। राधाकृष्ण विखे पाटील के बेटे डॉक्टर सुजय विखे पाटील को जब लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस-एनसीपी के झगड़े में अहमदनगर सीट से उम्मीदवारी नहीं मिल पाई, तो राधाकृष्ण विखे पाटील ने कांग्रेस से नाराज होकर उसका प्रचार बंद कर दिया। तब उनके खिलाफ सबसे मुखर मोर्चा खोलने वाले बालासाहेब थोरात ही थे।
दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को उम्मीद थी कि 2016 में कांग्रेस की सरकार नहीं बन पाई तो कांग्रेस उन्हें लीडर ऑफ द पोजीशन अर्थात नेता प्रतिपक्ष का पद जरूर देगी, लेकिन तब इस पद की माला विखे पाटील के गले में पड़ गई थी और पृथ्वीराज चव्हाण ताकते रह गए थे। अब जब चंद महीनों के लिए एक बार यह पद खाली हुआ है, तो उनकी उम्मीद फिर से जोर मार रही है।
इन दोनों के अलावा महाराष्ट्र विधानसभा में वर्तमान में विधायक दल के उपनेता विजय विजय वाडेट्टीवार का नाम भी तेजी से आगे आ रहा है। माना जा रहा है कि उनके साथ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सांसद अशोक चव्हाण का समर्थन भी है।
नेता प्रतिपक्ष के लिए कांग्रेस के तीन नेताओं में रेस

