नई दिल्ली:अमेरिका ने अपने बाजारों तक उसकी पहुंच प्रदान करने में विफल रहने के बाद भारत के टैक्स मुक्त देश के दर्जे को समाप्त कर सकता है। इस पर कॉमर्स सेक्रेटरी अनूप वधावन ने ट्विट कर कहा कि अमेरिका के भारत को जीएसपी (GSP) प्रोग्राम लिस्ट से बाहर करने से देश के एक्सपोर्ट पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। भारत अमेरिका को करीब 5.6 अरब डॉलर का एक्सपोर्ट करता है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कांग्रेस (संसद) को एक पत्र के जरिये भारत के साथ जीएसपी समाप्त करने के अपने इरादे से अवगत कराया।
नहीं पड़ेगा अधिक असर
वाणिज्य सचिव अनूप वधावन ने ट्विट में कहा कि भारत को जीएसपी से मिलने वाले इकोनॉमिक फायदे काफी सीमित हैं। उन्होंने ट्विट में लिखा है कि अमेरिका अगले 60 दिन में जीएसपी को खत्म कर देगा लेकिन फिर भी भारत के अमेरिका से रिश्ते मजबूत रहेंगे और बातचीत चलती रहेगी। अमेरिका से साझेदारी काफी बड़ी है। उन्होंने ट्विट में लिखा कि भारत सरकार विकास और पब्लिक वेलफेयर के कामों को लेकर सजग है। उनकी कोशिश रहेगी कि मेडिकल डिवाइस की किफायती कीमतों पर संतुलन बनाया जाए ताकि पब्लिक वेलफेयर पर असर न पड़े।
ट्रम्प ने सोमवार को कांग्रेस को बताया, ‘मैं प्राथमिकताओं के सामान्यीकरण प्रणाली (जीएसपी) कार्यक्रम के विकासशील देश के तौर पर भारत को प्राप्त उपाधि को समाप्त करने की सूचना प्रदान कर रहा हूं। मैं यह कदम इसलिए उठा रहा हूं क्योंकि अमेरिका तथा भारत सरकार के बीच मजबूत संबंध के बावजूद मैंने यह पाया है कि भारत ने अमेरिका को यह आश्वासन नहीं दिया है कि वह अपने बाजारों में उसकी न्यायसंगत और उचित पहुंच प्रदान करेगा।’ इसके साथ ही ट्रम्प ने एक अलग पत्र में कांग्रेस को बताया है कि उन्होंने आर्थिक विकास के आधार पर तुर्की के कर मुक्त देश के दर्जे को भी समाप्त कर दिया है।
क्या है जीएसपी?
जेनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंस (GSP) अमेरिकी ट्रेड प्रोग्राम है जिसके तहत अमेरिका विकासशील देशों में आर्थिक तरक्की के लिए अपने यहां उन देशों से बिना टैक्स के सामानों का आयात करता है। अमेरिका ने दुनिया के 129 देशों को यह सुविधा दी है जहां से 4,800 प्रोडक्ट का आयात होता है। अमेरिका ने ट्रेड एक्ट 1974 के तहत 1 जनवरी 1976 को जीएसपी का गठन किया था।
ट्रंप ने लगाया आरोप
आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को आरोप लगाया था कि भारत बहुत अधिक शुल्क लगाने वाला देश है। उन्होंने कहा कि वह पारस्परिक बराबर कर या फिर कम से कम एक मामूली कर चाहते हैं। ट्रंप ने कंजर्वेटिव पॉलिटिकल एक्शन कॉन्फ्रेंस (सीपीएसी) को संबोधित करते हुए कहा, “भारत बहुत अधिक शुल्क लगाने वाला देश है। वे हम पर ज्यादा शुल्क लगाते हैं।” ट्रंप ने इस दौरान भारत जैसे देशों के साथ घरेलू, वैश्विक और द्विपक्षीय संबंधों समेत विभिन्न मुद्दों पर बात की।
लगाया मिरर टैक्स
ट्रंप ने अमेरिकी मोटरसाइकिल हर्ले-डेविडसन मोटरसाइकिल का उदाहरण देते हुए कहा, “जब हम भारत को मोटरसाइकिल भेजते हैं तो उस पर 100 प्रतिशत का शुल्क लगाया जाता है, लेकिन जब भारत हमें मोटरसाइकिल का निर्यात करता है, तो हम कुछ भी शुल्क नहीं लगाते हैं।” ट्रंप ने कहा कि इसलिए मैं परस्पर बराबर करना चाहता हूं या फिर कम से कम एक शुल्क लगाना चाहता हूं। यह मिरर टैक्स (जवाबी शुल्क) होगा लेकिन परस्पर बराबर होगा।

