वुझेन:आतंकवादी ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई करने के ठीक अगले ही दिन बुधवार को भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आश्वस्त किया कि वह इस्लामाबाद के साथ तनाव को और नहीं बढ़ाना चाहता है।
वार्ता के अनुसार, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने चीन के वुजेन शहर में रूस-भारत-चीन(आरआईसी) समूह के विदेश मंत्रियों की 16वीं बैठक को संबोधित करते हुए कहा, ‘मान्यवर, यह (बालाकोट कार्रवाई) सैन्य अभियान नहीं था, किसी भी सैन्य प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया गया है। इस कार्रवाई का सीमित उद्देश्य आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों के खिलाफ निणार्यक कदम उठाना था। भारत तनाव को और नहीं बढ़ाना चाहता है। भारत लगातार जिम्मेदारी और संयम के साथ काम करता आ रहा है।’
इसके अलावा विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ हुई मुलाकात में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में हुए आतंकवादी हमले का मुद्दा उठाया। गौरतलब है कि 14 फरवरी को आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती हमला किया था जिसमें 40 जवान शहीद हुए थे। वहीं मंगलवार, 26 फरवरी को तड़के भारत ने पाकिस्तान के भीतर हवाई हमला कर कई बड़े आतंकवादी शिविरों को तबाह कर दिया।
रूस-भारत-चीन के विदेश मंत्रियों की बैठक से इतर हुई इस मुलाकात के दौरान स्वराज ने कहा, ‘मैं ऐसे वक्त में चीन आयी हूं जब भारत में शोक और गुस्से का माहौल है। यह जम्मू-कश्मीर में हमारे सुरक्षा बलों के खिलाफ सबसे भीषण हमला है।’ उन्होंने कहा, ‘यह हमला पाकिस्तान स्थित और समर्थिक संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने किया है।’

