दिग्विजय सिंह राना ने फेसबुक पर लिखा- मेरे पोस्ट पर सांसद-विधायक लिख दें कि नहीं करा पाएंगे तो 24 से 48 घंटे में अपने खर्च से कराऊंगा मरम्मत, विधायक बोले- जो खर्च आएगा, मैं दे दूंगा
नीरज राज/बस्ती। एक तरफ सरकार गांवों और बाजारों को रोशन करने तथा जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ एक खराब स्ट्रीट लाइट को ठीक कराने के लिए लोगों को सालों तक इंतजार करना पड़ रहा है। कप्तानगंज विधानसभा क्षेत्र के जलेबीगंज चौराहे पर दुर्गा माता मंदिर के सामने लगी स्ट्रीट लाइट लंबे समय से खराब है। इसको लेकर स्थानीय लोगों की ओर से लगातार सोशल मीडिया पर आवाज उठाई जा रही है। अब जिला पंचायत गौर द्वितीय के भाजपा नेता दिग्विजय सिंह राणा ने सपा सांसद राम प्रसाद चौधरी और विधायक को खुला संदेश देते हुए कहा है कि यदि वे इस लाइट को ठीक कराने में असमर्थ हैं तो उनके सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखकर दें। वह 24 से 48 घंटे के भीतर अपने निजी खर्च से इसकी मरम्मत करा देंगे।
दिग्विजय सिंह राना ने अपनी फेसबुक पोस्ट में सांसद राम प्रसाद चौधरी को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि जलेबीगंज चौराहे की जिस स्ट्रीट लाइट को ठीक कराने के लिए सैकड़ों नौजवान आवाज उठा रहे हैं, वह लाइट उस समय लगाई गई थी, जब राम प्रसाद चौधरी प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। उन्होंने सांसद और विधायक से स्पष्ट रूप से अपनी बात रखने को कहा। साथ ही कहा कि यदि वे लाइट ठीक नहीं करा पाएंगे तो वह अपने पास से पैसा खर्च कर 24 से 48 घंटे के भीतर इसे ठीक करा देंगे।
एक साल पहले भी बजट का दिया गया था हवाला
स्ट्रीट लाइट को लेकर ठाकुर आदित्य सिंह सत्यम ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह लाइट करीब पांच साल से खराब है। उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2025 में जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस पर सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), गौर की ओर से 14 अक्टूबर 2025 को जिला पंचायत राज अधिकारी को भेजी गई रिपोर्ट में संबंधित ग्राम पंचायत सचिव के हवाले से ग्राम निधि खाते में धनराशि उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी गई थी। रिपोर्ट में आगामी ग्राम पंचायत बैठक में कार्य को कार्ययोजना में शामिल कर बजट उपलब्ध होने पर मरम्मत कराने की बात कही गई थी।
हैरानी की बात यह है कि 14 अक्टूबर 2025 को बजट उपलब्ध नहीं होने की रिपोर्ट भेजी गई थी, लेकिन अब 30 अक्टूबर 2026 हो चुका है। यानी सरकारी रिपोर्ट के एक साल से अधिक समय बीतने के बावजूद स्ट्रीट लाइट की समस्या जस की तस बनी हुई है। इतना ही नहीं, शिकायतकर्ता आदित्य सिंह की ओर से 5 सितंबर 2026 को दोबारा शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत संख्या 92618500033709 के अनुसार स्ट्रीट लाइट काफी समय से खराब है और उसकी मरम्मत कराने की मांग की गई है। शिकायत के विवरण में इसकी स्थिति लंबित दर्शाई गई है।
विधायक बोले- जो खर्च आएगा, मैं दे दूंगा
मामले में कप्तानगंज विधायक कवींद्र कविन्द्र चौधरी उर्फ अतुल चौधरी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह राना हमारे भाई हैं और जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि हैं। वह भी इस स्ट्रीट लाइट को ठीक करा सकते हैं। उन्होंने अपनी सरकार में रहते हुए इस मुद्दे पर आवाज उठाई, इसके लिए उन्हें बधाई। विधायक ने आगे कहा कि स्ट्रीट लाइट की मरम्मत में जो भी खर्च आएगा, वह उन्हें दे देंगे।
वहीं, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि दिग्विजय सिंह राना ने कहा कि जलेबीगंज चौराहा उनके जिला पंचायत क्षेत्र में नहीं आता है, इसके बावजूद वह स्ट्रीट लाइट ठीक कराने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि दिवाली से पहले बाजार को रोशनी देने का प्रयास कर रहे हैं।
अब सवाल समाधान का, बयानबाजी का नहीं
एक स्ट्रीट लाइट की मरम्मत के लिए पहले शिकायत, फिर जांच, फिर रिपोर्ट, फिर आगामी बैठक में कार्ययोजना में शामिल करने का आश्वासन और उसके बाद दोबारा शिकायत। यह पूरी प्रक्रिया कई सवाल खड़े करती है। अगर 14 अक्टूबर 2025 को ही ग्राम निधि में बजट नहीं था तो एक साल से अधिक समय में धनराशि की व्यवस्था क्यों नहीं हो सकी? क्या ग्राम पंचायत की आगामी बैठक में यह प्रस्ताव शामिल हुआ? क्या कार्ययोजना बनी? और यदि बनी तो मरम्मत का काम अब तक क्यों नहीं हुआ?
अब विधायक की ओर से खर्च देने की बात और दिग्विजय सिंह राणा की ओर से दिवाली से पहले बाजार को रोशन करने के प्रयास के बाद लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर जलेबीगंज चौराहे की खराब स्ट्रीट लाइट कब ठीक होगी।
