मुंबई। आचार्य महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल, कालबादेवी में श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा दक्षिण मुंबई के तत्वावधान में तथा शासनश्री साध्वीश्री कंचनप्रभाजी, शासनश्री साध्वीश्री मंजुरेखाजी एवं सहवर्ती साधविवृंद के सान्निध्य में, शरद पूर्णिमा का महत्व समझाते हुए विशेष अनुष्ठान करवाया गया और संकल्प-साधना की ओर जनचेतना को जागृत रहने की प्रेरणा दी गई, ताकि हमारे जीवन में शांति कायम और सुरक्षित रहे।
शासनश्री कंचनप्रभा जी ने स्वयं अनुष्ठान की साधना करते हुए, सभी समागत श्रावक-श्राविकाओं को अनेक मंत्रों के साथ अनुष्ठान करवाया और भक्तामर के कई श्लोकों का अर्थ समझाते हुए सभी का ध्यान उन पवित्र, स्वास्थ्य तथा समता प्रदान करने वाले पद्यों की ओर आकर्षित किया साध्वी श्री मंजुरेखा जी ने कहा— “शरद पूर्णिमा का सोलह कला सम्पन्न चाँद सभी का ध्यान पूर्ण संयम की ओर आकर्षित करता है। त्याग, संयम, अनुशासन, सौहार्द और संतुलन जीवन की पूर्णता बनें। अनुष्ठान से तन-मन को खुराक मिली तथा एक अलग ही आनंद की अनुभूति हुई।”
इस अवसर पर आचार्य महाप्रज्ञ विद्यानिधि फाउंडेशन के कार्याध्यक्ष गणपत डागलिया,इंदरमल धाकड़ , सुखलाल सिंयाल, मीठालाल सिसोदिया,सभा के उपाध्यक्ष दिनेश धाकड़ आदि उपस्थित रहें। यह जानकारी सभा के मीडिया प्रभारी नितेश धाकड़ एवं तेयुप के उपाध्यक्ष दर्शन डागलिया ने दी।
समाचार प्रदाता नितेश धाकड़
दक्षिण मुंबई में कलासम्पन्न बने जीवनशैली कार्यक्रम का आयोजन

