पटना। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने बिहार विधान परिषद चुनाव में पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ मोर्चा खोलने और विपक्षी जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार करने के मामले में कड़ा कदम उठाते हुए मोकामा के विधायक अनंत कुमार सिंह और उनकी पत्नी एवं पूर्व विधायक नीलम देवी को छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
पार्टी ने श्री सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष से दसवीं अनुसूची के तहत कार्रवाई की अनुशंसा की है। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की ओर से जारी कार्यालय आदेश में दोनों नेताओं पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने और संगठन के निर्देशों की अवहेलना करने का आरोप लगाया गया है। आदेश में श्री सिंह पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने तथा विधान परिषद के लिए स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार के विरुद्ध काम कर दूसरे दल के प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने का आरोप लगाये गये हैं। श्री सिंह और इस चुनाव में जदयू के प्रत्याशी श्री कुमार के बीच पुरानी राजनीतिक अदावत है।
श्री सिंह का कहना है कि मोकामा विधानसभा सीट के चुनाव के दौरान श्री कुमार ने उनके खिलाफ प्रचार किया था और उन्होंने जद यू नेतृत्व से शिकायत की थी। उनकी शिकायत है कि उस समय पार्टी ने श्री कुमार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी। इसके साथ ही पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू ने अपने विधान परिषद सदस्य और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता श्री कुमार को फिर से उम्मीदवार बनाया। दूसरी ओर, जन सुराज पार्टी ने डॉ. अनुज सिंह को मैदान में उतारा। नीरज कुमार से नाराज अनंत सिंह ने जदयू के उम्मीदवार का समर्थन करने के बजाय जन सुराज के प्रत्याशी के पक्ष में उतरने का फैसला किया। एक अक्टूबर को अनंत सिंह जन सुराज प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के नामांकन के दौरान उनके समर्थन में पहुंचे और उनके पक्ष में प्रचार करने का ऐलान किया।
इसके बाद उन्होंने विभिन्न इलाकों में जनसंपर्क और रोड शो किए। श्री सिंह ने प्रचार के दौरान जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार पर तीखे हमले किए और मतदाताओं से उन्हें हराने की अपील की। इससे पार्टी के भीतर विवाद गहरा गया। श्री सिंह का रुख केवल श्री कुमार के खिलाफ प्रचार करने तक सीमित नहीं रहा बल्कि उन्होंने जन सुराज के प्रत्याशी को जिताने की खुली अपील की। जदयू नेतृत्व ने इसे व्यक्तिगत नाराजगी से आगे बढ़कर पार्टी अनुशासन और आधिकारिक उम्मीदवार के विरुद्ध गतिविधि का मामला माना। दोनो नेताओं के बीच विवाद बढ़ने के बाद जदयू के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने श्री अनंत सिंह को मनाने की कोशिश की।
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बातचीत के बाद ललन सिंह ने अनंत सिंह से संपर्क किया और उन्हें पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी तथा प्रचार से दूर रहने के लिए समझाया। पांच अक्टूबर को ललन सिंह ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उनकी अनंत सिंह से बात हो गई है और वह जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ बयान नहीं देंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि अनंत सिंह जदयू में थे, हैं और रहेंगे। हालांकि, इस बातचीत के बाद भी अनंत सिंह ने नीरज कुमार के पक्ष में प्रचार करने से इनकार किया।बाद के दिनों में श्री सिंह ने जन सुराज प्रत्याशी के समर्थन में फिर प्रचार किया। इससे स्पष्ट हो गया कि ललन सिंह की मध्यस्थता के बावजूद दोनों नेताओं के बीच विवाद नहीं सुलझ सका। इसके बाद मतदान के दिन, 23 अक्टूबर को, ललन सिंह को लेकर विधायक श्री सिंह की एक और टिप्पणी चर्चा में रही।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने कहा, “बिहार में 100 ललन सिंह हैं, मैं नहीं जानता।” इस टिप्पणी को पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ उनके बढ़ते टकराव के रूप में देखा गया। इस पूरे प्रकरण में श्री कुमार और श्री सिंह के बीच पुरानी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता, आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ खुला प्रचार और पार्टी नेतृत्व की समझाइश के बाद भी रुख नहीं बदलना निष्कासन की कार्रवाई के प्रमुख कारण बने। जदयू ने अनंत सिंह की प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने के साथ बिहार विधानसभा अध्यक्ष से उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा की है। पार्टी ने इसके लिए संविधान की दसवीं अनुसूची का हवाला दिया है। हालांकि, विधानसभा सदस्यता पर अंतिम निर्णय संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत विधानसभा अध्यक्ष को करना होगा। पार्टी से निष्कासन और विधानसभा की सदस्यता समाप्त होना अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। विधायक श्री सिंह और पूर्व विधायक नीलम देवी की जद यू की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई है।
उल्लेखनीय है कि बिहार के बाहुबली नेता और मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह द्वारा चुनाव आयोग को दिए गए नवीनतम हलफनामे (2025) के अनुसार, उनके खिलाफ कुल 28 आपराधिक मामले दर्ज हैं। जिनमें इन मामलों में हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण, और अवैध हथियार (आर्म्स एक्ट) से जुड़े संगीन आरोप शामिल हैं। इसमें हालिया मामले नवंबर 2025 में दुलारचंद यादव हत्याकांड के सिलसिले में भी उन पर नया मामला दर्ज हुआ है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
बिहार के बाहुबली विधायक अनंत सिंह और पत्नी नीलम देवी छह साल के लिए जदयू से निष्कासित
Highlights
- विधान परिषद चुनाव में बगावत बनी वजह, कई हत्याओं में संलिप्तता के हैं आरोप

