मुंबई। वर्ष 1964 से रामलीला की परंपरा को निरंतर आगे बढ़ा रही श्री आदर्श रामलीला महोत्सव समिति इस वर्ष गिरगांव चौपाटी पर आदर्श रामलीला महोत्सव 2026 को एक नए, भव्य और आधुनिक रंगमंचीय स्वरूप में प्रस्तुत करने जा रही है। 10 दिवसीय यह महोत्सव 11 से 20 अक्टूबर 2026 तक गिरगांव चौपाटी, मुंबई में आयोजित किया जाएगा। महोत्सव के आगामी आयोजन की जानकारी साझा करने के लिए 7 अक्टूबर को गिरगांव चौपाटी पर एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें रामलीला के निर्देशक योगेश वी. पगारे, संगीत निर्देशक मोंटी शर्मा, समिति के सचिव एवं ट्रस्टी कनबिहारी अग्रवाल, अध्यक्ष एवं ट्रस्टी राजेंद्र अग्रवाल तथा ट्रस्टी एवं कोषाध्यक्ष वैभव गुप्ता ने मीडिया से बातचीत की और इस वर्ष के आयोजन की विशेषताओं के बारे में बताया । इस अवसर पर कलाकारों ने मीडिया के लिए एक विशेष लाइव रामलीला एक्ट भी प्रस्तुत किया।
महोत्सव को डिविनिटी प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित किया गया है। इस वर्ष गिरगांव चौपाटी की रामलीला को बड़े स्तर की नाट्य प्रस्तुति के रूप में तैयार किया गया है। लगभग 1,500 दर्शकों की क्षमता वाले कवर्ड जर्मन-हैंगर ऑडिटोरियम, 64 फीट के विशाल HD LED विजुअल बैकड्रॉप, आधुनिक लाइट एवं साउंड, भव्य सेट, विशेष रूप से तैयार पारंपरिक वेशभूषा और 50 से अधिक कलाकारों की मौजूदगी इस प्रस्तुति को खास बनाएगी। पारंपरिक रामकथा की धार्मिक मर्यादा और भक्ति भाव को बरकरार रखते हुए आधुनिक विजुअल स्टोरीटेलिंग और तकनीकी प्रोडक्शन के माध्यम से दर्शकों के लिए एक नया अनुभव तैयार किया गया है।
रामलीला को इस बार केवल नाट्य प्रस्तुति तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि पूरे आयोजन को एक व्यापक धार्मिक और सांस्कृतिक महोत्सव का स्वरूप दिया गया है। दस दिनों के दौरान रामलीला के साथ सरयू आरती एवं महाआरती, 3D राम दर्शन, VR धाम दर्शन, रामायण विज़डम गैलरी, भजन जामिंग, आध्यात्मिक संवाद, रामायण संवाद तथा बच्चों और परिवारों के लिए विभिन्न सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक अनुभव भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
श्री आदर्श रामलीला महोत्सव समिति का उद्देश्य केवल एक भव्य धार्मिक आयोजन प्रस्तुत करना नहीं, बल्कि रामलीला को मुंबई की जीवंत सांस्कृतिक विरासत के रूप में संरक्षित और विकसित करना है। महोत्सव के माध्यम से कलाकारों, संगीतकारों और पारंपरिक शिल्प से जुड़े लोगों को मंच देने के साथ-साथ नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, रामकथा और भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
आदर्श रामलीला महोत्सव 2026 में 11 से 20 अक्टूबर तक गिरगांव चौपाटी पर भक्ति, संस्कृति, संगीत, रंगमंच और आधुनिक तकनीक का ऐसा संगम देखने को मिलेगा, जो मुंबई में रामलीला की परंपरा को एक नए भव्य अध्याय से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
वैभव गुप्ता – ट्रस्टी एवं कोषाध्यक्ष ने बताया “आज की पीढ़ी किसी भी अनुभव को नए नजरिए से देखना चाहती है। इसलिए हमने इस बार रामलीला के साथ ऐसे कई आकर्षण जोड़े हैं, जो बच्चों, युवाओं और परिवारों को पूरे आयोजन से जोड़ सकें। 3D राम दर्शन, VR धाम दर्शन, रामायण विज़डम गैलरी, भजन जामिंग और आध्यात्मिक संवाद जैसे अनुभव रामकथा को एक अलग तरीके से समझने का अवसर देंगे। हमारा प्रयास है कि यहां आने वाला हर व्यक्ति कुछ अच्छा लेकर लौटे—चाहे वह भक्ति हो, संस्कृति हो या श्रीराम के जीवन से मिलने वाली कोई सीख।
इस अवसर पर राजेंद्र अग्रवाल – अध्यक्ष एवं ट्रस्टी ने कहाकी “इस आयोजन को लेकर हमारी तैयारी काफी व्यापक स्तर पर की गई है। दर्शकों की सुविधा से लेकर मंच, ऑडिटोरियम, सुरक्षा, तकनीकी व्यवस्था और प्रस्तुति—हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया गया है। 1,500 लोगों की क्षमता वाला जर्मन-हैंगर ऑडिटोरियम और 64 फीट का एलईडी मंच इस वर्ष के आयोजन की खास विशेषताएं हैं। हमारा लक्ष्य सिर्फ एक बड़ा कार्यक्रम करना नहीं, बल्कि मुंबई के परिवारों को ऐसा माहौल देना है जहां वे पूरे दस दिनों तक भक्ति और संस्कृति से जुड़ सकें।”
इस अवसर पर योगेश वी. पगारे – लेखक एवं निर्देशक ने बताया “रामलीला को मंच पर प्रस्तुत करना केवल कथा कहने का माध्यम नहीं है, यह एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। रामायण के प्रत्येक पात्र और प्रसंग के साथ हमारी भावनाएं और आस्था जुड़ी हुई हैं। इस वर्ष हमने कहानी को उसी गरिमा के साथ रखते हुए प्रस्तुति का कैनवास बड़ा किया है। तकनीक हमारे लिए केवल भव्यता दिखाने का माध्यम नहीं, बल्कि कथा को आज के दर्शकों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का साधन है। मेरी कोशिश रहेगी कि दर्शक मंच पर दिखाई देने वाली रामकथा को केवल देखें नहीं, बल्कि उसके भावों को महसूस भी करें।”
प्रसिद्ध संगीत निर्देशक मोंटी शर्मा ने कहाकि “इस रामलीला के लिए संगीत तैयार करते हुए मैंने सबसे पहले कथा के भाव को समझने की कोशिश की। राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान और रावण जैसे पात्रों की अपनी अलग भावभूमि है और संगीत उसी के अनुरूप आगे बढ़ना चाहिए। इसलिए इस बार संगीत में भक्ति, शौर्य, करुणा और उत्सव—इन सभी रंगों को जगह दी गई है। मेरा प्रयास है कि संगीत कहानी से अलग सुनाई न दे, बल्कि जब कोई दृश्य मंच पर घटित हो तो संगीत उसकी भावना को और गहराई दे।”
आदर्श रामलीला समिति के सचिव एवं ट्रस्टी कानबिहारी अग्रवाल “हमारे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि 1964 में शुरू हुई यह परंपरा आज भी उसी श्रद्धा के साथ आगे बढ़ रही है। समय बदला है, दर्शकों की पसंद बदली है और तकनीक भी बदली है, लेकिन रामलीला का मूल संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। हम चाहते हैं कि गिरगांव चौपाटी की यह रामलीला पुराने दर्शकों के लिए अपनी यादों से जुड़ी रहे और युवाओं के लिए एक नया अनुभव बने। यही सोच इस वर्ष की पूरी प्रस्तुति के पीछे है।”
मुंबई में रामलीला को मिला भव्य रंगमंचीय स्वरूप, 11 से 20 अक्टूबर तक गिरगांव चौपाटी पर होगा आदर्श रामलीला महोत्सव 2026
Highlights
- 1500 सीटों वाला जर्मन-हैंगर ऑडिटोरियम, 64 फीट का LED मंच और 50 से अधिक कलाकार होंगे आकर्षण का केंद्र

