गणेश आचार्य के लिए मुंबई स्थित प्रभात कॉलोनी सिर्फ एक लोकेशन नहीं, बल्कि उनकी जिंदगी और सपनों की शुरुआत का अहम हिस्सा है। बॉलीवुड के सबसे सफल कोरियोग्राफर्स, निर्देशकों और क्रिएटिव फोर्स में से एक बनने से बहुत पहले, गणेश आचार्य ने इसी इलाके में अपने शुरुआती साल बिताए थे और यहीं से फिल्म इंडस्ट्री में बड़ा नाम बनने का सपना देखा था।
ऐसे में जब अपनी आगाम फिल्म ‘गणेश: डस्ट टू स्टारडस्ट’ की टीम को लेकर वे प्रभात कॉलोनी में भगवान गणेश का आशीर्वाद लेने पहुंचे, तो यह पल उनके लिए बेहद खास और भावुक बन गया। दिलचस्प बात यह है कि यह जगह न सिर्फ फिल्म की प्रमुख शूटिंग लोकेशनों में से एक है, बल्कि गणेश आचार्य के जीवन से भी गहराई से जुड़ी हुई है। इन्हीं गलियों से शुरू हुआ उनका सफर आज उन्हें बॉलीवुड के सबसे प्रतिभाशाली और प्रभावशाली नामों में शामिल कर चुका है।
फिल्म की कास्ट के साथ बप्पा के दर्शन को आए गणेश आचार्य ने यहां न सिर्फ फिल्म की सफलता के लिए प्रार्थना की, बल्कि सबसे मुलाक़ात भी की। प्रभात कॉलोनी में उनका यह दौरा उनके लिए एक तरह का होमकमिंग मोमेंट था, जिसने उन्हें उन दिनों की याद दिला दी, जब वे बड़े सपने लेकर इसी इलाके में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे।
गौरतलब है कि सालों की मेहनत, संघर्ष और समर्पण के दम पर गणेश आचार्य ने भारतीय सिनेमा को कई यादगार गाने दिए हैं और एक निर्देशक व मार्गदर्शक के रूप में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। प्रभात कॉलोनी में यह विशेष पल इस बात की याद दिलाता है कि एक सपने देखने वाले लड़के से लेकर बॉलीवुड के सबसे सम्मानित नामों में शामिल होने तक का उनका सफर कितना प्रेरणादायक रहा है।
फिलहाल उनकी फिल्म ‘गणेश: डस्ट टू स्टारडस्ट’ की यात्रा की शुरुआत बप्पा के आशीर्वाद और गणेश आचार्य की जड़ों से जुड़े इस खास स्थान से होने से और भी अर्थपूर्ण बन गई है क्योंकि यह सिर्फ एक फिल्म की शुरुआत नहीं, बल्कि संघर्ष, कृतज्ञता और सपनों को सच करने की प्रेरणादायक कहानी का उत्सव है।
हाल ही में फिल्म का पहला पोस्टर और अनाउंसमेंट यूनिट लॉन्च किया गया है। ‘गणेश: डस्ट टू स्टारडस्ट’ अब बड़े पर्दे की ओर अपना सफर शुरू कर चुकी है और आने वाले समय में फिल्म की कास्ट और अन्य जानकारियों का खुलासा किया जाएगा। वी2एस प्रोडक्शन एंड एंटरटेनमेंट द्वारा प्रस्तुत इस फिल्म का निर्माण सौंदर्या ने किया है, जबकि निर्देशन गणेश आचार्य ने किया है। फिल्म की कहानी, स्क्रीनप्ले और संवाद दिगांगना सूर्यवंशी और गणेश आचार्य ने लिखे हैं।
गणेश आचार्य ने जहां देखे थे बॉलीवुड के सपने, वहीं से फिर लिया बप्पा का आशीर्वाद

