मुंबई। परम पूज्य आचार्य श्री महाश्रमण जी की प्रबुद्ध सुशिष्या शासन श्री साध्वी श्री कंचनप्रभा जी एवं शासन श्री साध्वी श्री मंजूरेखा जी आदि साध्वी वृंद के पावन सान्निध्य में महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल, कालबादेवी में “हम और हमारा धर्म संघ” विषय पर एक विशेष कार्यशाला का कार्यक्रम गरिमामय संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता का परिचय और अध्यक्षीय संबोधन श्री देवेन्द्र डागलिया ने दियाबकार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री दिलीप सरावगी ने धर्म संघ के गौरवशाली इतिहास, वर्तमान प्रासंगिकता और श्रावक-श्राविकाओं के कर्तव्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तेरापंथ धर्म संघ की अनुशासनात्मक परंपरा और आचार्यों का मार्गदर्शन जीवन निर्माण की अनुपम धरोहर है। प्रत्येक श्रावक को संघ की मर्यादाओं का पालन करते हुए संघोन्नति में अपना सक्रिय योगदान देना चाहिए।
साध्वी वृंद के पावन सान्निध्य व मंगल पाठ के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर साध्वी श्री कंचनप्रभा जी व साध्वी श्री मंजूरेखा जी ने श्रद्धालुओं को उद्बोधित करते हुए धर्म संघ के प्रति निष्ठा, गुरु इंगित की आराधना और आध्यात्मिक पुरुषार्थ को जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन आचार्य महाप्रज्ञ विद्यानिधि फाउंडेशन, श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, तेरापंथ युवक परिषद, तेरापंथ महिला मंडल,अणुव्रत समिति (दक्षिण मुंबई) द्वारा किया गया। इस अवसर पर दक्षिण मुंबई के अनेक गणमान्य श्रावक-श्राविकाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे यह जानकारी सभा मंत्री दक्षिण मुंबई पवन बोलिया ने दी
हम और हमारा धर्म संघ’ विषय पर विशेष कार्यशाला संपन्न

