मुंबई। पावन पर्व जन्माष्टमी के करीब आते ही देशभर में भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति का माहौल बनने लगा है। मुंबई में होने वाले भव्य दही-हांडी उत्सव से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में जन्माष्टमी की रात होने वाले भजन-कीर्तन तक, यह पर्व श्रीकृष्ण की भक्ति, आस्था और संगीत से गहराई से जुड़ा हुआ है। इसी भक्तिमय माहौल को और खास बनाते हुए हेलो सेतु मीडिया एंड एंटरटेनमेंट ने प्रसिद्ध गायिका साधना सरगम की आवाज में कृष्ण भजन ‘आन बसो मेरे मन दर्पण में’ प्रस्तुत किया है।
इस भजन में भक्ति, संगीत और आध्यात्मिकता का सुंदर संगम देखने को मिलता है। ‘आन बसो मेरे मन दर्पण में’ भगवान श्रीकृष्ण के प्रति एक भक्त की भावपूर्ण अभिव्यक्ति है। इसमें भक्त अपने हृदय रूपी दर्पण में भगवान श्रीकृष्ण के वास की कामना करते हुए प्रेम, करुणा, ध्यान, धर्म और ज्ञान से परिपूर्ण जीवन की प्रार्थना करता है। इस भजन के बोल श्याम राज दत्ता ने लिखे हैं, जबकि इसका संगीत राजिब-मोना ने तैयार किया है। मुंबई में भजन के लॉन्च के दौरान निर्माता कौशल चौधरी और टीम के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
भजन के बारे में बात करते हुए साधना सरगम ने कहा, “कृष्ण भक्ति में एक अनोखी मिठास और आध्यात्मिक शांति है। ‘आन बसो मेरे मन दर्पण में’ एक बेहद भावपूर्ण भजन है, जिसमें एक भक्त भगवान श्रीकृष्ण से अपने मन को पवित्र करने और हृदय में वास करने की प्रार्थना करता है। जन्माष्टमी के अवसर पर अपनी आवाज के माध्यम से इस भक्ति भाव को श्रोताओं तक पहुंचाकर मुझे बेहद खुशी हो रही है। मैंने इसे पूरी श्रद्धा और सच्चाई के साथ गाने का प्रयास किया है, ताकि श्रोता भी इसकी आध्यात्मिक अनुभूति से जुड़ सकें।”
निर्माता कौशल चौधरी ने कहा, “जन्माष्टमी केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह भगवान श्रीकृष्ण के प्रेम, कर्म, धर्म और ज्ञान जैसे शाश्वत संदेशों को याद करने का अवसर भी है। ‘आन बसो मेरे मन दर्पण में’ इन्हीं भावनाओं को खूबसूरती से प्रस्तुत करता है। प्रसिद्ध गायिका साधना सरगम जी की आवाज ने इस भजन को एक विशेष गहराई और आध्यात्मिक भाव प्रदान किया है। हमारा प्रयास है कि यह भक्तिमय गीत देशभर के कृष्ण भक्तों तक पहुंचे और जन्माष्टमी के अवसर पर उनके मन में शांति और भक्ति का भाव उत्पन्न करे।”
‘आन बसो मेरे मन दर्पण में’ के बोल भक्त और भगवान श्रीकृष्ण के बीच के आध्यात्मिक संबंध को दर्शाते हैं। भजन के पहले अंतरे में श्रीकृष्ण के निरंतर स्मरण और भीतर ज्ञान की खोज की भावना दिखाई देती है। भक्त दिन-रात कृष्ण के विचारों में डूबे रहना चाहता है, ताकि उसके भीतर ज्ञान का प्रकाश जागृत हो और उसका मन आध्यात्मिक मुक्ति की ओर अग्रसर हो सके।
भजन के दूसरे अंतरे में मन की शुद्धता की प्रार्थना की गई है। भक्त भगवान श्रीकृष्ण से प्रार्थना करता है कि उसके मन से क्रोध, छल और कपट जैसे भाव दूर हो जाएं। साथ ही वह त्याग और समर्पण के मार्ग पर चलने की इच्छा व्यक्त करता है। इसमें अपने पूरे जीवन को भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में समर्पित करने की भावना दिखाई देती है। भजन का मूल संदेश मन की शुद्धि, नकारात्मक भावनाओं को त्यागने और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति पूर्ण समर्पण है। सरल और भावपूर्ण शब्दों के माध्यम से यह भजन श्रोताओं को अपने भीतर झांकने तथा जीवन में प्रेम, कर्म, धर्म और ज्ञान को अपनाने के लिए प्रेरित करता है।
हेलो सेतु प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले प्रस्तुत इस भजन के निर्माता कौशल चौधरी हैं, संगीतबद्ध किया है राजिब-मोना ने जबकि श्याम राज दत्ता इसके गीतकार हैं। जन्माष्टमी के भक्तिमय वातावरण में प्रस्तुत ‘आन बसो मेरे मन दर्पण में’ श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिकता से जुड़ा एक भावपूर्ण संगीत प्रस्तुत करता है। यह भजन भगवान श्रीकृष्ण के प्रति आस्था और समर्पण के साथ उनके प्रेम, कर्म, धर्म और ज्ञान के शाश्वत संदेश को भी श्रोताओं तक पहुंचाने का प्रयास करता है।
साधना सरगम की आवाज में कृष्ण भजन ‘आन बसो मेरे मन दर्पण में’ रिलीज

