वाशी। आचार्यश्री महाश्रमण जी की विदुषी सुशिष्या साध्वी श्री निर्वाण श्री जी के पावन सानिध्य एवं साध्वी डॉ. योगक्षेम प्रभा जी के कुशल निर्देशन में कन्या शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। तेरापंथ महिला मंडल वाशी द्वारा आयोजित इस शिविर में दिनांक 28 मार्च व 29 मार्च 2026 को करीब 40 कन्याओं ने भाग लिया। शिविरार्थी बालिकाओं को प्रशिक्षण प्रदान करते हुए विदुषी साध्वी श्री निर्वाण श्री जी ने कहा-
संस्कार जीवन की अनमोल धरोहर है। संस्कार शून्य जीवन अनुपयोगी है। यह शिविर कन्याओं के सुप्त संस्कारों के जागरण का प्रयास है। साधना के प्रति आकर्षण जागे व संयम की चेतना स्पंदित हो- यही इस शिविर का संदेश है।
इस शिविर में साध्वी डॉ. योगक्षेम प्रभा जी ने विभिन्न कालांशों में प्रेरणादायक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने जप, ध्यान, अनुप्रेक्षा के प्रयोग भी करवाए। साध्वी लावण्या प्रभाजी ने गीत व वक्तृत्व की प्रस्तुतियाँ दीं। साध्वी कुन्दन यशा जी ने कायोत्सर्ग का प्रयोग करवाया। साध्वी मुदित प्रभा जी ने महाश्रमण अष्टकम का संगान किया।उपासिका निर्मला जी चंडालिया ने जीवन निर्माण के सुनहरे सूत्रों की व्याख्या की। प्रेक्षा प्रशिक्षिका पिंकी कोठारी ने योगासन करवाया।
शिविर के विशेष सत्र में तेमम अध्यक्षा स्वीटी खाटेड ने साध्वीजी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए शिविर को बहुउपयोगी बताया। BMF के अध्यक्ष कमलेशजी बोहरा ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शिविर को संस्कार निर्माण का श्रेष्ठ माध्यम बताया। तेयुप अध्यक्ष ललित चंडालियावी सभा अध्यक्ष पंकज जी चंडालिया ने शिविर के प्रति शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। गुजरात उपाशक रतन जी मेहता ने अपने विचार प्रकट किए। धन्यवाद ज्ञापन कन्यामंडल प्रभारी बबीता बापना ने किया। शिविर के मुख्य प्रायोजक श्रीमती सुशीला चिमन जी सिंघवी और प्रियांशी सिंघवी को तेमम की ओर से सम्मानित किया गया। सुशीला सिंघवी ने अपनी षष्टी पूर्ति पर आभार प्रकट किया । द्वितीय सत्र का मंच संचालन सुश्री जीया बापना ने कुशलतापूर्वक किया। मंत्री श्रीमती प्रीति धोका ने अपने विचार प्रकट किए। इस शिविर में आध्यात्मिक गेम्स, कंठस्थ ज्ञान, सामयिक, प्रार्थना, जप आदि अनेक उपक्रम किए गए। रविवार प्रातः “मिनी सीशोर ” पर वाकेथान करते हुए गीत का संगान किया गया। अनेक दृष्टियों से यह शिविर विशेष उपयोगी रहा।
वाशी में कन्या शिविर सफलतापूर्वक संपन्न

