मुंबई। मोदी–योगी की डबल इंजन सरकार ने काशी में पुण्यश्लोक राजमाता अहिल्याबाई होलकर द्वारा निर्मित पवित्र मणिकर्णिका घाट को बुलडोज़र लगाकर ध्वस्त कर दिया है। घाट पर स्थापित अहिल्यादेवी होलकर की मूर्ति तथा शिवलिंग को भी नष्ट कर दिया गया है। यह कृत्य हिंदू आस्था और सांस्कृतिक विरासत पर सीधा हमला है। यह कहना है महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल का।
इस गंभीर प्रकरण की प्रत्यक्ष समीक्षा करने के लिए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल शुक्रवार को वाराणसी दौरे पर जा रहे हैं। उनके साथ प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अतुल लोंढे, कांग्रेस ओबीसी विभाग के प्रदेशाध्यक्ष यशपाल भिंगे, तथा कांग्रेस पार्टी एवं धनगर समाज के विभिन्न पदाधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। यह शिष्टमंडल मणिकर्णिका घाट का दौरा कर भाजपा की बुलडोज़र सरकार द्वारा की गई तोड़फोड़ का निरीक्षण करेगा।
सपकाल के अनुसार, मणिकर्णिका घाट हिंदू धर्म के लिए अत्यंत पवित्र और ऐतिहासिक महत्व का स्थल है। किंतु ‘विकास’ के आकर्षक नाम के तहत इस घाट को ध्वस्त किया गया है। इससे पहले भी मोदी और योगी सरकार ने काशी क्षेत्र में सैकड़ों मंदिरों को तोड़ा है। अब मणिकर्णिका घाट, वहां स्थित देवी-देवताओं की मूर्तियों और छोटे मंदिरों को नष्ट कर पुण्यश्लोक राजमाता अहिल्याबाई होलकर के कार्यों का अपमान किया गया है।
यह कृत्य केवल अहिल्याबाई होलकर की विरासत पर ही नहीं, बल्कि धनगर समाज और संपूर्ण हिंदू समाज की आस्था पर भी आघात है। भाजपा सरकार का यह कदम संस्कृति, परंपरा और इतिहास को मिटाने का प्रयास है, ऐसा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा।
महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल शुक्रवार को वाराणसी दौरे पर
Highlights
- मोदी–योगी सरकार द्वारा बुलडोज़र से ध्वस्त किए गए मणिकर्णिका घाट का निरीक्षण करेंगे

