राघवेंद्र प्रताप सिंह, कैसरगंज, बहराइच। बहराइच जिले के कैसरगंज तहसील में आदमखोर भेड़ियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले कुछ दिनों में इन खूंखार भेड़ियों ने चार मासूम बच्चों समेत कुल छह लोगों की जान ले ली है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। रविवार को प्रदेश के वन मंत्री अरुण कुमार ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना प्रदान की। उन्होंने वन विभाग को निर्देश दिए कि हिंसक वन्यजीवों को पकड़ने के लिए अभियान को और तेज किया जाए।
कैसरगंज तहसील के मंझारा तौकली गांव सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में भेड़ियों के हमलों ने स्थानीय लोगों की जिंदगी को दांव पर ला दिया है। ग्रामीण रातों को डर के साये में काट रहे हैं और बच्चों को घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। जिला प्रशासन और वन विभाग की टीमें रात-दिन मुस्तैद हैं, लेकिन भेड़ियों की चालाकी के आगे चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं। अब तक वन विभाग ने भेड़ियों को पकड़ने के लिए 20 से अधिक विशेष टीमें गठित की हैं, जो जंगल और गांवों के आसपास जाल बिछाए हुए हैं।
मंत्री ने दौरा कर पीड़ितों से की मुलाकात और अभियान की ली समीक्षा
रविवार दोपहर को वन मंत्री अरुण कुमार कैसरगंज तहसील के मंझारा तौकली गांव पहुंचे। यहां उन्होंने जिला प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर प्रभावित क्षेत्रों का पैदल निरीक्षण किया। मंत्री ने हमलों से प्रभावित परिवारों के घर-घर जाकर पीड़ितों की पीड़ा सुनी और उन्हें आर्थिक सहायता तथा सुरक्षा के आश्वासन दिए। एक हमले में अपनी जान गंवाने वाले चार वर्षीय बच्चे के परिवार से मिलते हुए भावुक हो गए और कहा, “यह दुखदायी घटना है। सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।” मंत्री ने वन विभाग द्वारा चलाए जा रहे बचाव अभियान की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन और वन विभाग संयुक्त रूप से बड़े पैमाने पर अभियान चला रहे हैं। “इलाके में अलग-अलग टीमें भेड़ियों को रेस्क्यू करने का प्रयास कर रही हैं। हमने आधुनिक उपकरणों जैसे थर्मल कैमरे, ड्रोन और विशेष जाल का उपयोग शुरू कर दिया है। जल्द ही इन हिंसक वन्यजीवों को पकड़ लिया जाएगा,” उन्होंने कहा। इसके अलावा, उन्होंने ग्रामीणों को सलाह दी कि रात के समय अकेले न घूमें और बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता
मंत्री के दौरे के दौरान जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) अक्षय त्रिपाठी, वन संरक्षक रेनू सिंह, एसडीएम कैसरगंज अखिलेश कुमार, थाना प्रभारी कैसरगंज, ब्लॉक प्रमुख रणवीर सिंह मुन्ना, मंडल अध्यक्ष मनोज पांडेय (गजाधरपुर), महामंत्री चंद्र प्रकाश सिंह, सीताराम पांडे, बद्री प्रसाद अवस्थी, श्रवण कुमार गौड़ सहित कई अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। डीएम अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि प्रशासन ने प्रभावित गांवों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है और ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए पंपलेट बांटे जा रहे हैं।
वन संरक्षक रेनू सिंह ने अभियान की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा, “हमारी टीमें 24 घंटे सक्रिय हैं। भेड़ियों की संख्या सीमित है, लेकिन वे रात में सक्रिय हो जाती हैं। हमने जंगल के किनारे पर लाइटिंग व्यवस्था भी सुधार दी है।” ब्लॉक प्रमुख रणवीर सिंह मुन्ना ने स्थानीय लोगों की चिंताओं को रखते हुए मांग की कि अभियान को और विस्तार दिया जाए।
भेड़ियों के आतंक का इतिहास और चुनौतियां
बहराइच जिले के कैसरगंज इलाका दुधवा टाइगर रिजर्व के निकट होने के कारण वन्यजीवों की आमद बढ़ जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, भूख और आवास की कमी के कारण भेड़ियां मानव बस्तियों की ओर रुख कर रही हैं। पिछले एक सप्ताह में हुए हमलों में चार बच्चे, दो महिलाएं और एक बुजुर्ग पुरुष शिकार बने हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भेड़ियां रात में झुंड बनाकर हमला करती हैं, जिससे बचना मुश्किल हो जाता है। वन विभाग ने अब तक दो भेड़ियों को पकड़ने में सफलता हासिल की है, लेकिन बाकी अभी भी फरार हैं। अभियान में स्थानीय शिकारियों और विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को तत्काल 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है।
आदमखोर भेड़ियों का कहर जारी, वन मंत्री ने प्रभावित गांवों का दौरा कर दिलाई सांत्वना

