कांदिवली(मुंबई)। युग प्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि श्री कुलदीप कुमार मुनि श्री मुकुल कुमार जी के सानिध्य में तेरापंथ भवन कांदिवली में पर्यूषण महापर्व का द्वितीय दिवस स्वाध्याय दिवस के रूप में आयोजित किया गया। धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री कुलदीप कुमार जी ने भगवान महावीर के 27 भवों की चर्चा करते हुए कहा जैन दर्शन में कर्मवाद का बहुत बड़ा महत्व है मनुष्य के शुभ अशुभ कार्यों से जीवन का निर्माण ओर ध्वंस होता है भगवान ऋषभदेव संस्कृति के आदि कर्ता थे उन्होंने धर्म की स्थापना कर नये युग का आरंभ किया था।
मुनि मुकुल कुमार जी ने कहा कि स्वाध्याय वह दर्पण है जिसमें अतीत वर्तमान और भविष्य तीनों को एक साथ प्रतिबिंबीत होते हैं, स्वाध्याय का लाभ तपस्या से भी बड़ा है। मात्र कुछ भी पढ़ लेना स्वाध्याय नहीं है आत्म साक्षात्कार कर अंतर्मुखी बनना ही स्वाध्याय का महान प्रयोजन है।
इससे पूर्व मंगलाचरण तेरापंथ महिला मंडल एवं तेरापंथ युवक परिषद गोरेगांव ने किया। श्री तुलसी महाप्रज्ञ फाउंडेशन के कोषाध्यक्ष भगवती लाल धाकड़, राजेंद्र दुग्गड , निर्मला कोठारी ने विचार रखे। फाउंडेशन के अध्यक्ष मेघराज धाकड़ के अनुसार रात्रि में तेरापंथ की अनुशासन से लेकर मुनि श्री ने प्रभावक शैली में वक्तव्य दिया।
श्री तुलसी महाप्रज्ञ फाउंडेशन के मंत्री प्यार चंद मेहता निवर्तमान अध्यक्ष विनोद बोहरा मुंबई सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दलपत बाबेल बाबूलाल राठौड़ ,भंवरलाल बापना ,ज्ञान भंडारी अर्जुन सांखला, प्रकाश राठौड़,सुखलाल कच्छारा ,भरत भंडारी, कांति बापना, राजेंद्र मुथा, जवेरी मल नौलखा,शंकरलाल मुनोत ,संदीप चपलोत, मीठा लाल धाकड़ ,भेरूलाल चपलोत, इंदर मल कच्छारा, हस्तीमल कावड़िया अशोक बापना, मांगीलाल धींग सुनील संचेती ज़वरी मल नौलखा ज्ञान भंडारी रतन सिंघवी मुकेश कुमठ राकेश सिंघवी कमलेश कोठारी बाबूलाल दुग्गड मुकेश कोठारी पुखराज बोहरा बाबूलाल धोका सुरेश धोका पंकज पटवारी जितेंद्र कोठारी सहित विभिन्न महानुभाव उपस्थित रहे। 
मुंबई तेरापंथ धर्मसंघ का राजभवन कांदिवली में पर्वाधिराज की आराधना में उमड़ रहा आस्था का ज्वार
Highlights
- कांदिवली में स्वाध्याय दिवस मनाया

