विकास धाकड़/युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि श्री कुलदीप कुमार जी स्वामी एवं मुनि श्री मुकुल कुमार जी के सान्निध्य में तेरापंथ स्थापना दिवस पर भिक्षु भक्ति संध्या व तेयुप शपथग्रहण समारोह का आयोजन तेरापंथ भवन कांदिवली मे किया गया। कार्यक्रम कि शुरुआत नमस्कार महामंत्र संघान से किया गया। स्वागत भाषण तेरापंथी सभा अध्यक्ष ज्ञानमल भंडारी ने दिया। विजय गीत संघान तेयुप कांदिवली टीम द्वारा किया गया।
इस अवसर पर श्रावक समाज को संबोधित करते हुए मुनिश्री मुकुल कुमार जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि तेरापंथ को समझना है तो हमें आचार्य भिक्षु को समझना होगा, जिन महापुरुषों का आधार हमें मिला है, उन महापुरुषों की वाणी को क्या हम अपने जीवन में धारण कर रहे हैं, अगर आचार्य भिक्षु के जीवन को देखें तो अनेक घटनाएं हैं, अनेक प्रसंग है, अनेक आदर्श है, जो हमारे जीवन की दिशा और दशा को बदल सकते हैं, जीवन की तकदीर और तस्वीर को बदल सकते हैं, जीवन को रूपांतरित कर सकते हैं, आचार्य भिक्षु जैसा संघर्ष करने का साहस हममें पैदा हो जाएं, भिक्षु जैसा प्रज्ञा बल हममें विकसित हो जाएं, तो मानना चाहिए कि हम आचार्य भिक्षु के समक्ष उपस्थित होने का साहस रख सकते हैं, वर्ना बड़ी कठिनाई हो जाती है। तो आज हम चिंतन करें आचार्य भिक्षु को कितना जिया है , तेरापंथ को कितना जिया है, और हम कैसे अपने जीवन के पथ पर आचार्य भिक्षु के आदर्शों को लेकर चल सके ।
इस अवसर पर जैन संस्कार विधि द्वारा जैन संस्कारक सौरभ दुधेड़िया, पारसमल दुगड़,शान्तिलाल कोठारी ने विधि विधान से मंगल भावना यंत्र की स्थापना कर तेयुप नवनिर्वाचित अध्यक्ष राजेंद्र दुगड़ व टीम को मंगल मंत्रोच्चार से शपथ ग्रहण करवाया गया। तत्पश्चात गायक दिलीप बाफना ने ओ सिरीयारी के स्वामी जी में नाम पुकारूं तेरा,मेरे दिल में करो बसेरा, तेरापंथ रो भाग्य विधाता श्रमण संघ रो सक्षम दाता,भिक्षु भिक्षु भिक्षु मारी आत्मा पुकारे,गुरुवर तुमको प्रणाम,क्यु पुछते हो गुरुवर हमें क्या पसंद है,मेरी पसंद तो आपकी मुट्ठी में बंद हैं,बाबा भिक्षु नहीं देखे बस देखी तस्वीर, कल्पतरु रा बीज फल्या बलिदाना रा सुमन खिल्या आदि भिक्षु स्वामी के भजनों व भावपूर्ण गीतों का संगीतमय संगान किया,जिसने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण कर दिया।
इन रचनाओं ने श्रद्धालुओं के मन में आचार्य श्री भिक्षु के जन्म एवं जीवन के आदर्शों की स्मृति ताजा कर दी। आज के भक्ति संध्या कार्यक्रम के प्रायोजक श्री जयचंद जी सांखला व पंकज जी पटवारी का मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।श्री योगेश कोठारी ने अत्यंत कुशल,अनुशासित एवं भावप्रधान संचालन कर कार्यक्रम को सुंदर रूप में संयोजित किया।

