शिशोदा। युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी की सुशिष्या साध्वी श्री रचनाश्री जी के सानिध्य में आचार्य श्री महाश्रमण जन्म दिवस, दीक्षा दिवस, और पट्टोत्सव संयुक्त रूप से मनाया गया। इस अवसर पर साध्वी श्री जी ने फरमाया जन्म प्रत्येक व्यक्ति लेता है किंतु दीक्षा ग्रहण करना बड़ी बात होती है । दीक्षा भी कई व्यक्ति लेते है किंतु कोई विलक्षण व्यक्ति ही आचार्य पद को सुशोभित करता है । आगम में आचार्य की सात विशेषताओं का उल्लेख मिलता है । पहली है – चारित्रिक दृढ़ता ।
आचार्य स्वयं निर्मल चरित्र का पालन करते है और अपने शिष्यों को भी निर्मल संयम पालन करवाते है। दूसरी है – कार्य क्षमता। आचार्य अपनी कार्य क्षमता से संघ को तेजोमय बनाते है। तीसरी है व्यवहार कुशलता। चौथी है धृतिबल – आचार्य में अद्भुत धैर्य का बल होता है । पांचवा है श्रमशीलता। आचार्य संघ की सार संभाल में श्रम का नियोजन करते है। छटा है आगम के प्रति श्रद्धा । आगम हमारी साधना का आलम्बन है । आचार्य आगम में पूरी आस्था रखते है। सातवा है एकाग्रता । आचार्य अपनी इन्ही विशेषताओ से संघ को शिखर की ऊँचाइयाँ देते है । जैसे आग में जाकर सोना निखर है वैसे ही मुनि मुदित इन विशेषताओं पर, इन कसौटी पर कस कर महाश्रमण के रूप में निखरे । हम सौभाग्यशाली है हम आचार्य श्री महाश्रमण जी के शासन में संयम जीवन जी रहे है जो स्वयं के जीवन से ही हमे प्रशिक्षण दे रहे है।
साध्वी गीतार्थप्रभा जी एवं साध्वी प्राज्ञप्रभा जी ने अपने आराध्य की वर्धापना में अपने भाव व्यक्त किए । साध्वी नमनप्रभा जी ने भावपूर्ण कविता का पाठ किया । साध्विवृंद ने समूहगीत को अपने स्वर दिया। महिला मंडल ने सुमधुर गीत का संगान किया।
शिशोदा सभा अध्यक्ष राजेश जी धाकड़, महिला मंडल अध्यक्ष कंचनदेवी धाकड़, रमेश जी डागलिया, रोशनजी धाकड़, राकेशजी धाकड़, तारा जी धाकड़, शांतिलाल जी छाजेड, जसराज जी छाजेड, दिनेश जी धाकड़, मदनजी धाकड़, हेमंत जी धाकड़, मिठालालजी धाकड़ ने अपने भाव गीत और व्यक्तव्य के द्वारा प्रस्तुत किए। मंगलाचरण साध्वी वृंद ने किया व कार्यक्रम का संचालन उपासक प्रकाश जी धाकड़ ने किया। कार्यकम में आसपास के अनेक क्षैत्रो ने अपनी उपस्थिति दर्ज एवं साध्वी श्री जी को अपने अपने क्षेत्रों में पधारने व बिराजने की भावपूर्ण अरज की। यह जानकारी तेयुप भूतपूर्व अध्यक्ष हेमन्त धाकड़ ने दी ।
शिशोदा में आचार्य महाश्रमणजी का दीक्षा, जन्म व पट्टोत्सव का भव्य आयोजन

