कांदिवली (मुंबई)। युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनिश्री कुलदीप कुमार जी एवं मुनिश्री मुकुल कुमार जी के सान्निध्य में अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के निर्देशन में “महाश्रमण अभिवंदना” व भिक्षु स्वामी की तेरस निमित्त भिक्षु भक्ति का आयोजन किया गया ।
श्रावक समाज को संबोधित करते हुए मुनिश्री मुकुल कुमार जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि आचार्य श्री भिक्षु का जितना उपकार करें उतना कम है, कर्तव्य बोध हमें अपने गुरु से सिखना चाहिए, हमारे गुरु हमें प्रेरणा देते हैं। तीनों तपस्वीयों के तप की अनुमोदना करता हूं।सबके जीवन में सत्यम शिवम सुंदरम के भाव हो। इस अवसर पर स्वागत भाषण तेयुप अध्यक्ष राकेश सिंघवी ने दिया ।मंगलाचरण भारती सेठीया के गीत द्वारा किया गया,ज्योति सुराणा ने सुंदर गीत की प्रस्तुति दी।
काव्य दोषी ने सुमधुर गीत “तेरस री है रात बाबा आज थ्हाने आणो है” व “मेरी झोंपड़ी के भाग्य आज खुल जायेंगे भिक्षु आयेंगे” की सुंदर प्रस्तुति दी। निखिल धाकड़ ने “भिक्षु तो कृपा बरसाते हैं भक्तों का सहारा है” व “भिखण जी थांरे काई लागे” आदि गीतों से वातावरण भक्तिमय बना दिया। ऐरोली से समागत धीरज बोहरा ने अपने भजन “सांवरिया स्वामी जी सांचों शरणों थ्हारों” व “मन के मोहन महाश्रमण , तेरापंथ रो भाग्य विधाता श्रमण संघ रो सक्षम दाता, आओ आओ भिक्षु अब तो म्हारे आंगणीये”आदि एक से बढ़कर एक भजनों की सुंदर प्रस्तुति दी। अशोक हिरण ने तपस्वी सम्मान के उपलक्ष्य में “तप की करतें हैं अनुमोदना “गीत की प्रस्तुति दी। संघ गायक अशोक हिरण व पलक हिरण ने अपने भजन “मंत्र नवकार हमें प्राणों से प्यारा” व “मेरे मन में भिखु श्याम तेरे मन में भिखु श्याम रोम-रोम में समाया भिखु श्याम रे मेरी सांसों में समाया भिखु श्याम रे” व “मैंने भिक्षु-भिक्षु पुकारा” आदि गीतों द्वारा भक्ति में चार चांद लगा दिए। इस अवसर पर कुशल मंच संचालन तेयुप उपाध्यक्ष राजेन्द्र दुगड़ ने किया व तेयुप मंत्री पंकज कच्छारा ने सभी का आभार व्यक्त किया।
प्रेषक -विपिन सामोता
कांदिवली में महाश्रमण अभिवंदना कार्यक्रम का आयोजन

