यूपी ब्यूरो, लखनऊ। डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर जयंती यानि 14 अप्रैल को जातिवादी तत्वों द्वारा बाबा साहेब की प्रतिमाओं के अनादर व विभिन्न जगहों पर कार्यक्रमों एवं जुलूसों के दौरान दलित समाज के लोगों पर हुए हमलों को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने केंद्र व राज्य सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा है कि अभी तक इन तत्वों पर कार्रवाई नहीं की गई, जिससे लगता है कि इन सरकारों का भी इसमें संलिप्तता है।
मायावती ने मंगलवार को अपने एक्स एकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा कि – “संविधान निर्माता भारतरत्न परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर इस बार देश के कई राज्यों में इनकी प्रतिमा का अनादर व उस मौके पर कार्यक्रम/जुलूस पर सामंती तत्वों के हमलों में अनेक लोगों के हताहत होने की घटनाएं अति-शर्मनाक व यह सरकारों के दोहरे चरित्र का प्रमाण। ऐसे दुखद मामलों में खासकर मध्य प्रदेश के मुरैना में अम्बेडकर जुलूस पर हुए हमले में दलित की हुई हत्या व अनेकों के घायल होने की घटना अति-निन्दनीय, जिसमें दोषियों के विरुद्ध अभी तक भी सख्त कार्रवाई नहीं किये जाने से राज्य सरकार इसमें स्पष्ट संलिप्तता को लेकर कठघरे में है।
अतः केन्द्र व सभी राज्य सरकारें दलितों पर ऐसे हो रहे अन्याय-अत्याचार व इनके महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों के अनादर-अपमान की घटनाओं को गंभीरता से लेकर जरूर सख्त कार्रवाई करके इसे रोकें, वरना इन वर्गों के लोग उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे अर्थात् सरकारें इस ओर जरूर ध्यान दें। साथ ही, ऐसी जातिवादी घटनाओं से स्पष्ट है कि केन्द्र व राज्य सरकारें बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की जयंती आदि पर जो कार्यक्रम आयोजित करती हैं वे सब दलितों के वोट के स्वार्थ की खातिर पूर्णतः छलावा है। दलित समाज ऐसे दोहरे चाल, चरित्र व चेहरे वाली पार्टियों से जरूर सावधान रहें।”
आंबेडकर जयंती पर बाबा साहेब की प्रतिमाओं के अनादर एवं दलितों के साथ हिंसा पर केंद्र व राज्य सरकारों पर बरसीं मायावती

