लखनऊ:लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा विरोधी पार्टियों के बीच महागठबंधन की चर्चाएं भले ही सियासी गलियारों में तैर रही हों, लेकिन बसपा व कांग्रेस के बीच कड़वाहट खत्म होती नहीं दिख रही है। पार्टी सूत्रों की मानें तो बसपा सुप्रीमो मायावती का अगले साल 15 जनवरी को लखनऊ में जोरदार तरीके से जन्मदिन मनाने की तैयारियां अंदरखाने में चल रही हैं। इसके लिए मेहमानों यानी अन्य राज्यों की क्षेत्रीय पार्टियों को भी न्यौता दिया जा रहा है, लेकिन इस लिस्ट में कांग्रेस का नाम नहीं है।
कांग्रेस को लग सकता है झटका
मायावती अपने जन्मदिन के मौके पर हर बार बड़ा संदेश देने की कोशिश करते हुए अपनी ताकत का एहसास विरोधी दलों को कराती रही हैं। भाजपा के खिलाफ विरोधी पार्टियां महागठबंधन बनाने की जहां बातें कर रही हैं, वहीं मायावती यह साफ कर चुकी हैं कि सम्मानजनक स्थिति होने पर ही वह समझौता करेंगी। राजस्थान, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ इसका उदाहरण है। कांग्रेस से मनमाफिक सीटें न मिलने पर उन्होंने राजस्थान और मध्य प्रदेश में एकला चलो की राह अपनाई और छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी की पार्टी से समझौता कर लिया। यह बात अलग है कि मायावती ने राजस्थान और मध्य प्रदेश में भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस को बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा कर दी। ऐसे में जब यह लगने लगा कि बसपा-कांग्रेस के बीच कड़वाहट समाप्त हो रही है, तो मयावती ने शपथ ग्रहण समारोह और जन्मदिन पर आने वाले मेहमानों की लिस्ट से हटाना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका हो सकता है।
कई छोटे दलों का न्योता
बसपा प्रमुख के जन्मदिन के अवसर को लेकर ढेर सारी पार्टियों को न्योता भेजा जा रहा है। बसपा के एक वरिष्ठ नेता नाम न छापने की शर्त पर बताया कि समाजवादी पार्टी, इंडियन नेशनल लोकदल, जेडीएस, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ और कई अन्य क्षेत्रीय दलों के नेताओं को इस समारोह के लिए आमंत्रित किया गया है। बहनजी भी इन दिनों दिल्ली में रहकर गैर-भाजपा और गैर-कांग्रेस गठबंधन को मूर्त रूप देने की योजना पर गंभीरता से काम कर रही हैं। बसपा की योजना है कि लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस विरोधी दलों को मिलाकर एक गठबंधन बनाया जाए और इसी के बैनर तले सभी क्षेत्रीय दल चुनाव लड़ें। शायद मायावती ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि लोकसभा चुनाव में वह कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करना चाहती हैं।
जन्मदिन समारोह से चुनावी अभियान
बसपा नेताओं व कार्यकर्ताओं को 15 जनवरी को होने वाले मायावती के जन्मदिन समारोह के लिए दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। पार्टी ने इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी है। पार्टी के एक नेता ने बताया, ‘बहनजी जनवरी के पहले हफ्ते में लखनऊ आएंगी और यहां पर पार्टी नेताओं व पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगी। इस बैठक में वह लोकसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेंगी। इसी बैठक में वह संगठन को दुरुस्त करने, राज्य सरकार की जन-विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन चलाने और लोकसभा चुनाव के लिए अभियान शुरू करने का निर्देश दे सकती हैं।’
जमीन स्तर पर तैयार हो रहे कार्यकर्ता
बसपा नेता ने बताया कि पार्टी की इस अहम बैठक में जिलास्तर के कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर तैयारी करने का निर्देश दिया जा सकता है। साथ ही बसपा के कोर वोट-बैंक पर प्रभाव डाल रही भीम आर्मी को रोकने के संबंध में भी योजना बनाई जाएगी। बसपा के प्रदेश अध्यक्ष आरएस कुशवाहा ने बताया कि बूथ लेवेल कमेटी, भाईचारा कमेटी और पार्टी कैडरों को सक्रिय रहने का निर्देश दे दिया गया है।

