नई दिल्ली:डेस्क की कमी की वजह से दिल्ली में उत्तरी, पूर्वी और दक्षिणी नगर निगमों के स्कूलों में लगभग 60 हजार छात्र ठंड के मौसम में भी जमीन पर टाट-पट्टी बिछाकर पढ़ने को मजबूर हैं। तीनों निगमों में लगभग 30 हजार डेस्क की कमी है।
पार्षद डेस्कों की कमी की जानकारी तीनों निगमों के नेताओं से लेकर तमाम अधिकारियों तक को दे चुके हैं, लेकिन कहीं धन तो कहीं व्यवस्था की कमी आड़े आ रही है।
उत्तरी दिल्ली नगर निगम के स्कूलों में करीब 38 हजार बच्चों को जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। उत्तरी दिल्ली नगर निगम में कुल 718 स्कूल हैं, जिनमें लगभग 3.5 लाख बच्चे पढ़ते हैं। शिक्षा समिति की अध्यक्षा रितू गोयल ने कहा कि वह कई बार 19 हजार डेस्कों को मंगाने की प्रक्रिया में तेजी लाने को बोल चुकी हैं, लेकिन किसी न किसी कारणवश डेस्क नहीं आ पा रहे। बीते सप्ताह उत्तरी निगम सदन की बैठक में निगम आयुक्त मधुप व्यास ने बताया था कि केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए जैम पोर्टल पर डेस्क उपलब्ध नहीं हैं। जल्द ही ओपन टेंडर के माध्यम से डेस्क मंगवाए जाएंगे।
अमीर निगम का भी बुरा हाल
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के 581 स्कूलों में लगभग साढ़े छह हजार डेस्कों की कमी है। ये हालत तब हैं, जबकि दक्षिणी निगम के पास फंड की कमी नहीं है। वह तीनों निगमों में सबसे अमीर है। उधर, पूर्वी निगम के स्कूलों में लगभग पांच हजार डेस्कों की कमी है, जिसके चलते लगभग 10 हजार छात्र जमीन पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं।
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की शिक्षा समिति की अध्यक्ष नंदिनी शर्मा के अनुसार शिक्षा विभाग डेस्क खरीदने के लिए टेंडर जारी कर रहा है। जल्द ही स्कूलों में नए डेस्क आ जाएंगे।
दिल्ली : स्कूलों में 60 हजार छात्र जमीन पर बैठने को मजबूर

