नई दिल्ली:देश में लखनऊ के चारबाग समेत 10 रेलवे स्टेशनों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने का काम शुरू हो गया है। चारबाग रेलवे स्टेशन पर सबसे पहले काम शुरू हुआ है। नया डिजाइन केंद्र सरकार कंस्ट्रक्शन कंपनी नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (एनबीसीसी) ने तैयार किया है।
एनबीसीसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अनूप कुमार मित्तल ने ‘हिन्दुस्तान’ को बताया है कि चारबाग के पुनर्विकास का ठेका निजी कंपनी को दिया गया है। स्टेशन की 3डी मैपिंग की गई और ये तय किया गया कि किस डिजाइन के आधार पर चारबाग रेलवे स्टेशन दोबारा बनाया जाए। 2020 तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। चारबाग के बाद लखनऊ के ही गोमती नगर रेलवे स्टेशन के भी रंग रूप को तेजी से बदलने की तैयारी चल रही है। इन दो स्टेशनों के साथ ही देश में आठ और रेलवे स्टेशनों को एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
इन परियोजनाओं की लागत
– सभी दस स्टेशनों को विकसित करने में 5000 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान
– 600 करोड़ रुपये से 7.3 एकड़ में विकसित होगा चारबाग स्टेशन, 550 वाहनों की होगी पार्किंग
– 400 करोड़ रुपये से 10 एकड़ में विकसित होगा गोमती नगर स्टेशन, 750 वाहनों की होगी पार्किंग
योजना का वित्तपोषण
एनबीसीसी इन परियोजनाओं के लिए रकम देगा बाद में वह रेलवे स्टेशनों पर मॉल, दुकानें और ऑफिस स्पेस बनाकर लागत वसूलेगा। साथ ही स्टेशन की आप पास की जमीन में सस्ते घर बनाने पर भी कंपनी का विचार कर रही है। यहां ब्रांडेड सामान की दुकानें, फार्मेसी फूड प्लाजा जैसी सुविधाओं भी रहेंगी।
सुंदरता बरकरार रखने की भी व्यवस्था
चारबाग सहित बाकी स्टेशन बनने के बाद बिगड़ न जाएं इसका भी पुख्ता इंतजाम किया जा रहा है। कम्पोस्ट प्लांट, जल शोधण संयंत्र, मजबूत वेंटिलेशन सिस्टम और ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्र भी लगाए जा रहे हैं। रेनवाटर हार्वेस्टिंग और सोलर सिस्टम की भी व्यवस्था होगी।
देश के 10 स्टेशनों का होगा अाधुनिकरण

