धुलिया। महातपस्वी आचार्यश्री महाश्रमणजी की विदुषी सुशिष्या साध्वीश्री निर्वाणश्री जी के पावन सान्निध्य में जीवन विज्ञान दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ। साध्वीश्री मधुरप्रभाजी ने भक्तामर का सस्वर पाठ करवाते हुए पार्श्व स्तुति प्रस्तुत की। विदुषी साध्वीश्री निर्वाणश्री जी ने अपने प्रेरक वक्तत्व में कहा– जीवन विज्ञान वर्तमान युग की विशेष अपेक्षा है। आचार्य महाप्रज्ञ जी ने अपने प्रज्ञा के आधार पर शिक्षा जगत को,अनमोल अवदान दिया है।
साध्वीश्री डॉ योगक्षेमप्रभाजी ने अपने विशेष वक्तव्य में कहा” जीवन विज्ञान दिवस” आचार्य महाप्रज्ञ को आचार्य अलंकरण प्रदान किए जाने के उपलक्ष में मनाया जाता है।
गुरूदेव श्री तुलसी ने अपने सुयोग्य शिष्य मुनि नथमल जी को आज के दिन महाप्रज्ञ अलंकरण प्रदान किया था। उसी महाप्रज्ञ अलंकरण की स्मृति का दिवस है। जीवन विज्ञान दिवस । आचार्य महाप्रज्ञ जैसे महापुरुष विरले होते हैं। उन्होंने अपने विलक्षण प्रज्ञा से विश्व को प्रेक्षाध्यान और जीवन विज्ञान जैसे अवदान प्रदान किए।
धुलिया में जीवन विज्ञान दिवस पर विशेष कार्यक्रम

