फ़िल्म निर्देशक विशाल मिश्रा ने बताया कि उनकी नई फिल्म ‘होटल मिलन’ के एक दृश्य में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी नज़र आने वाले थे, मगर सेंसर बोर्ड के सदस्यों को यह दृश्य आपत्तिजनक लगी और मुझे मजबूरन यह सीन निकालना पड़ा। मुझे उनकी कार्यवाई पर हंसी के साथ-साथ दया भी आती है कि इसी दृश्य के साथ ट्रेलर पास कर दिया गया था लेकिन फ़िल्म देखने के बाद उस सीन को हटवाया गया।
विशाल मिश्रा आरएसएस के छात्र हैं और इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से जुड़े हैं। वह आज देश की राजनीति पर दुख जताते हुए कहते हैं कि कुछ घटिया लोग समाज का ब्रेन वाश करने में जुटे हैं जो कि देश के लिए घातक है। जाति धर्म के नाम पर लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
होटल मिलन फ़िल्म की बात करें तो इसकी कहानी उत्तर प्रदेश में कानपुर के एक बेरोज़गार ब्राह्मण लड़के की है, जिसे एक लड़की से प्यार हो जाता है। लेकिन उसके प्रेम में पुलिस, गुंडे और नेता आड़े आते हैं और उसे अपमानित होना पड़ता है। बाद में वह होटल मिलन खोलने का फैसला करता है जहाँ घंटे के हिसाब से रूम बुक किया जा सकता है।
देखते ही देखते होटल मिलन शहर में चर्चा का विषय बन जाता है। राजनीति से जुड़े लोग पुलिस के साथ मिलकर वैलेंटाइन्स डे के दिन होटल पर हमला कर देते हैं। फिर वह किस तरह सिस्टम के ख़िलाफ़ लड़ता है और प्यार करनेवालों की मदद करता है। यह एक हल्की फुल्की कॉमेडी फ़िल्म है जिसमें एंटी रोमियो स्क़ॉड पहलू को भी दर्शाया गया है।
इस फ़िल्म में कुणाल रॉय कपूर, करिश्मा शर्मा, जयदीप अहलावत, राजेश शर्मा, ज़िशान क़ादरी, ज़ाकिर हुसैन और मालवी मल्होत्रा ने अभिनय किया है। एडी फिल्म्स के बैनर पर बनी फिल्म के निर्माता हरेश पटेल, सह निर्माता रचित पटेल, कार्यकारी निर्माता मनोज चतुर्वेदी, संगीतकार हर्षित सक्सेना, अमजद नदीम, रुचित पटेल और गीतकार अमजद नदीम, कुमार तथा देव नारायण हैं।
– गायत्री साहू
फ़िल्म सेंसर बोर्ड ने ‘होटल मिलन’ से यूपी के सीएम योगी को निकलवाया

