नई दिल्ली:बच्चों में अतिसार (न्यूमोनिया) का प्रमुख कारण माने जाने वाले रोटावायरस का संक्रमण रोकने के लिए भारत में टीकाकरण उन 15 देशों में सबसे कम है, जिन्होंने इसे पिछले साल शुरू किया था। इस कारण देश में वर्ष 2016 में पांच साल से कम उम्र वाले 2.6 लाख बच्चे मारे गए।
अमेरिका स्थित ‘जॉन होपकिन्स ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ’ में इंटरनेशनल वैक्सीन एक्सेस सेंटर ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें भारत की खराब स्थिति को बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार भारत में रोटावायर का संक्रमण रोकने के लिए टीकाकरण कार्यक्रम अच्छी तरह लागू नहीं किया गया। जबकि, कई देशों में इस टीकाकरण कार्यक्रम के सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं।
रिपोर्ट में भारत समेत 15 देशों की स्वास्थ्य प्रणाली को यह सुनिश्चित करने में पिछड़ा बताया गया है कि अधिक से अधिक संवेदनशील बच्चों को रोकथाम और उपचार सेवाएं मिल सकें। दुनियाभर में निमोनिया और डायरिया से पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मौत के 70 प्रतिशत मामले भारत में दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 2017 में वैक्सीन शुरू करने वाले देशों में सबसे कम दर पाकिस्तान और भारत की है।

