नई दिल्ली:भारतीय महिला क्रिकेट टीम शुक्रवार को आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप में अपने अभियान की शुरुआत मजबूत न्यूजीलैंड के खिलाफ करेगी। खेल के इस सबसे छोटे प्रारूप में अब तक भारतीय टीम अपना प्रभाव छोड़ने में नाकाम रही है। ऐसे में भारतीय टीम को हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में मजबूत रणनीति और सकारात्मकता के साथ किवी टीम का सामना करना होगा।
खराब रिकॉर्ड: भारतीय टीम का न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 इतिहास में रिकॉर्ड काफी निराशाजनक है। दोनों टीमों के बीच अभी तक कुल सात मुकाबले खेले गए हैं। इसमें से भारतीय टीम ने सिर्फ दो जीते हैं और पांच में उसे हार का सामना करना पड़ा है। टीम इंडिया के सामने अपने रिकॉर्ड को सुधारने की भी चुनौती होगी। कप्तान हरमनप्रीत कौर और कोच रमेश पोवार ने कहा कि युवा खिलाड़ियों की मौजूदगी से टीम निर्भीक बन गई है। भारत की छह खिलाड़ी पहली बार विश्व कप में भाग ले रही हैं।
मुश्किल चुनौती: भारतीय टीम पिछले तीन अवसरों पर ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ पाई है। उसे यह सीढ़ी पार करने के लिए टूर्नामेंट में निरंतर अच्छा प्रदर्शन करना होगा। सलामी बल्लेबाज और टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना ने कहा कि जून में एशिया कप टी-20 के फाइनल में बांग्लादेश से मिली हार ने टीम को सही समय पर सतर्क कर दिया।
उन्होंने कहा, एशिया कप में मिली हार के बाद हर किसी ने वापस लौटने पर कड़ी मेहनत की। आप देख सकते हैं कि हर कोई उस स्थिति में है जहां उसे अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के लिहाज से होना चाहिए। मुझे पूरा भरोसा है कि हम टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
मनोबल बढ़ा: इस टूर्नामेंट से पहले भारतीय टीम ने अच्छी फार्म दिखाई है। उसने श्रीलंका को उसकी सरजमीं पर हराया और घरेलू मैदान पर ऑस्ट्रेलिया-ए टीम को पराजित किया। भारतीय टीम का वर्ल्ड कप के अभ्यास मैचों में मौजूदा चैंपियन वेस्टइंडीज और इंग्लैंड पर जीत से आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। भारत को अपने ग्रुप में तीन बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया और दो बार की उपविजेता न्यूजीलैंड के अलावा चिर प्रतिद्धंद्धी पाकिस्तान से भी भिड़ना है।
प्रसारण: रात 8.00 बजे से स्टार स्पोर्ट्स पर
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