मुम्बई। यशस्वी क्रिएशनस कृत “कृष्ण प्रिया” मीरा एक अदभुत नृत्य नाटिका 14 मार्च 2020 को बोरीवली प्रबोधन ठाकरे ऑडिटोरियम में शाम 8.30 बजे होगा। यह शाम बोरीवली के लिए कृष्ण भक्ति में सराबोर होने की होगी, जिसकी तैयारियां बड़े पैमाने पर की जा रही है। कार्यक्रम में आने के लिए टिकट PAYTM insider और BookMyShow पर उपलब्ध है। कार्यक्रम के संयोजक तथास्तु प्रोडक्शन्स हैं। इस सुंदर नृत्य नाटिका को एसबीआई लाइफ इंसुरेंस एवं यूनियन बैंक का सहयोग होगा। “सुरभि सलोनी” एवं “नूतन सवेरा” डिजिटल मीडिया पार्टनर होंगे ।
पिछले कुछ कार्यक्रम के दौरान कृष्णप्रिया को श्रोताओं ने खूब सराहा और अधिक से अधिक बार इनके कार्यक्रम अलग अलग जगहों पर होते रहे ऐसी इच्छा व्यक्त की। कुछ समय पहले ही डोम्बिवली में एक चैरिटी कार्यक्रम बच्चों के ह्रदय रोग की चिकित्सा के लिए फंड एकत्र करने हेतु आयोजन किया गया था, जो हाउसफुल रहा। कृष्णाप्रिया ने देश – विदेश में नॉर्वे बॉलीवुड फिल्म फेस्टिवल, बिहार दिवस जैसे नामी फेस्टिवल में अपनी प्रस्तुति दी है
यह कहानी है – निर्मल प्रेम और त्याग की, समर्पण और असीम भक्ति की। गायन और नृत्य-संगीत के माध्यम से अपने अभिसार की। मेवाड़ की महारानी से जोगन बनी मीराबाई की।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान में चित्तौड़ के महाराजा भोजराज की पत्नी महारानी मीराबाई – जिसे महलों के आराम और शान-शौकत से न कोई लगाव था, न ही कोई लोभ। जिसे लगाव था तो अपने प्रियतम के समीप रहने का। जिनके लिए वह पूरी तरह समर्पित थी l जो उसके उसके रोम-रोम में बस गए थे, जिनके बिना उसका जीवन अधूरा था, वह थे उसके प्रियतम स्वयं “श्री कृष्ण” – इस सृष्टि के सर्जनकर्ता, पालक और एक पूर्ण पुरुष,
जिन्होंने भगवद्गीता के माध्यम से समस्त मानवजाति को ज्ञान और कल्याण का मार्ग बताया l
श्री कृष्ण के लिए अपने प्यार, उन्हें प्राप्त करने के अपने दॄढ़ निश्चय और भक्ति में लीन होकर मीराबाई ने अनेक पदों कि रचना की।
इन्हीं पदों के माध्यम से उन्होंने भक्तिमार्ग को एक नया आयाम दिया और लोगों को भक्तिमार्ग पर चलने के लिए प्रेरित भी किया।
अपने जीवन काल में, भक्तिमार्ग पर चलते हुए, अनेक कठिनाइयाँ सहने के पश्चात अपने प्रियतम को पाने के हठ ने श्री कृष्ण को उनके पास आने के लिए किस तरह विवश किया – यही है वह कहानी “कृष्णप्रिया”।
निर्माता : यशस्वी क्रिएशंस
संकल्पना, गायक, कलाकार : संजना ठाकुर
कलाकार :
संकेत पाठक : कृष्ण
नेत्रा केतकर : मीरा
सारा ठाकुर : छोटी मीरा
ऋतुजा जोशी : राधा
आनंद भुरचंदी : महाराजा भोज
उदा बाई : अमृता तोरदमल
राजगुरु : आशीष नारखेड़कर
लेखक : विनोद सक्सेना
संगीत : अनूप जलोटा, अद्वैत नेमलेकर
संगीत संयोजन : अद्वैत नेमलेकर एवं धीरेन राईचूरा
नृत्य : अश्विनी कलसेकर, अतुल नारंग एवं सुनील पोतदार,
दिग्दर्शन : अतुल नारंग
कार्यक्रम संयोजन : तथास्तु प्रोडक्शन्स

