संतकबीर नगर। विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर जिले के युवा फार्मासिस्टों ने एक अनुकरणीय पहल की। यूथ फार्मासिस्ट फेडरेशन (संत कबीर नगर) द्वारा आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में सैकड़ों जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क चिकित्सा परामर्श और दवाओं का वितरण किया गया। यह आयोजन न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत करने का माध्यम बना, बल्कि समाज में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने का भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
विश्व फार्मासिस्ट दिवस 25 दिसंबर को मनाया जाता है
विश्व फार्मासिस्ट दिवस हर साल 25 सितंबर को मनाया जाता है, जो फार्मासिस्टों की भूमिका को रेखांकित करता है। इस थीम के तहत ‘फार्मेसी फॉर हेल्थ इक्विटी’ पर केंद्रित इस वर्ष के आयोजन में फेडरेशन ने स्थानीय स्तर पर एक वास्तविक बदलाव लाने का संकल्प लिया। शिविर का आयोजन जिले के खलीलाबाद ब्लॉक के एक ग्रामीण क्षेत्र में किया गया, जहां ग्रामीणों को अक्सर स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ता है। सुबह 9 बजे से शुरू हुए इस शिविर में 200 से अधिक मरीजों ने भाग लिया, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे।
जांच एवं दवाएं फ्री में दी गई
शिविर में उपलब्ध डॉक्टरों और फार्मासिस्टों ने ब्लड प्रेशर, शुगर टेस्ट, सामान्य स्वास्थ्य जांच जैसे परीक्षण किए। इसके अलावा, सामान्य बीमारियों जैसे बुखार, सर्दी-खांसी, पेट संबंधी समस्याओं के लिए निःशुल्क दवाएं वितरित की गईं। फेडरेशन के सदस्यों ने बताया कि दवाओं का वितरण पूरी तरह से जरूरत के आधार पर किया गया, ताकि कोई भी व्यक्ति उपचार से वंचित न रहे। शिविर के दौरान स्वास्थ्य जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया। फार्मासिस्टों ने उपस्थित लोगों को दवाओं के सही उपयोग, स्वच्छता बनाए रखने और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में बताया।
संयोजक ने कहा सेवाओं का लाभ अंतिम छोर तक के व्यक्ति को मिले
आयोजन के मुख्य संयोजक ने बताया, “यह पहल समाज के अंतिम छोर पर रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास है। फार्मासिस्ट न केवल दवाएं बांटते हैं, बल्कि वे स्वास्थ्य रक्षक भी हैं। हमारा उद्देश्य है कि लोग स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें और सही समय पर उचित उपचार प्राप्त करें।” इस पहल से ग्रामीणों में उत्साह का संचार हुआ। एक लाभार्थी ने कहा, “ऐसे शिविरों से हमें घर बैठे इलाज मिल जाता है, जो आर्थिक बोझ कम करता है।”
यह लोग रहे मौजूद
शिविर में ग्राम प्रधान अताउल हक ने विशेष रूप से भाग लिया और आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा, “युवाओं की यह पहल क्षेत्रवासियों के विकास लिए प्रेरणादायक है। हमें ऐसी और पहलों की आवश्यकता है।” आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले प्रमुख कार्यकर्ताओं में नंदू चौधरी, विनय चतुर्वेदी, अभिषेक चतुर्वेदी, विवेक उपाध्याय, दीपचंद मौर्य, सूरज मौर्य, अजय चौधरी, महेंद्र गुप्ता, दीपचंद्र चौधरी, प्रताप चौधरी, रविंद्र प्रताप, ताराचंद, ऋषिकेश, विजय आदि शामिल रहे। इन कार्यकर्ताओं ने न केवल लॉजिस्टिक्स का प्रबंधन किया, बल्कि स्थानीय लोगों को जागरूक करने में भी योगदान दिया।
