लखनऊ:अपने खास उत्पादों के जरिए विदेशी मुद्रा कमाने में यूपी ने लंबी छलांग लगाई है। राज्य का निर्यात कारोबार न केवल बढ़ रहा है, बल्कि हाल के महीनों में इसकी रफ्तार राष्ट्रीय दर से 10.26 फीसदी तक ज्यादा हो गई है। चीनी, दालें, मांस, इलेक्ट्रिक मशीनरी, कपड़े, जूता-चप्पल, कालीन जैसे क्षेत्रों में यूपी के उत्पादकों की विदेशों में काफी मांग हो रही है। इसी कारण साल दर साल इनके निर्यात से होने वाली आमदनी भी बढ़ रही है। यूपी से कालीन, हस्तशिल्प, रत्न, कांच का सामान, आभूषण, आयरन व स्टील, दालें, चीनी, रेडीमेड वस्त्र की भी खासी मांग है। खाड़ी के देशों के अलावा यूरोप तक यह उत्पाद जाते हैं।
एक लाख 14 हजार करोड़ हो गया निर्यात : डायरेक्टर जनरल आफ कामर्शियल इंटेलीजेंस एंड स्टैटिक्स के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जुलाई से अगस्त के बीच पूरे देश से निर्यात में जहां -1.04 की कमी आई है। वहीं उत्तर प्रदेश से निर्यात में 10.26 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। अगर इसी साल अप्रैल से अगस्त तक के निर्यात को देखें तो इसमें 12.42 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यूपी का निर्यात चार साल में 81218.17 करोड़ से बढ़कर 114042.72 करोड़ हो गया है।
सेवा क्षेत्र में भी तलाश रहे संभावनाएं: सरकार अब सेवा क्षेत्र में भी निर्यात की संभावनाएं तलाश रही है। मसलन पर्यटन, मेडिकल शिक्षा, आईटी तकनीकी व उच्च शिक्षा जैसी सेवाओं में भी निर्यात के जरिए विदेशी मुद्रा अर्जित करने की तैयारी है। पूरे प्रदेश से होने वाले निर्यात में एमएसमई सेक्टर की हिस्सेदारी 60 -65 प्रतिशत है जबकि निर्यात की बाकी हिस्सेदारी भारी उद्योग की रहती है।
वस्तुओं का निर्यात (करोड़ रुपये )
प्रमुख वस्तुएं वित्तीय वर्ष वित्तीय वर्ष
2015-16 2018-19
मीट एवं इडेबिल मीट 12546.59 15716.89
इलेक्ट्रिक मशीनरी 4921.88 12722.95
कपड़े 6240.24 10953.69
जूता-चप्पल 5464.56 6100.00
कारपेट, फ्लोर कवरिंग 4547.95 4606.05
आयरन एवं स्टील व उत्पाद 3451.14 4556.71
एल्यूमीनियम के उत्पाद 2909.85 4267.34
वाहन व उत्पाद 3164.72 3973.49
आर्गेनिक रसायन 2137.50 3972.38

