मुंबई। कनाडा के टोरंटो में भारत के नए कॉन्सुल जनरल के रूप में महावीर सिंघवी के पदभार ग्रहण करने की खबर के बाद मुंबई सहित देशभर के जैन समाज में खुशी और गौरव का वातावरण देखने को मिल रहा है। उनकी नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब भारत और कनाडा के बीच व्यापार, तकनीक, शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में संबंधों को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
बताया जा रहा है कि महावीर सिंघवी अपने कार्यकाल के दौरान कनाडा के विभिन्न संस्थानों, उद्योग जगत और भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ मिलकर आपसी विश्वास को मजबूत करने, नए अवसरों को बढ़ावा देने और द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में कार्य करेंगे। उनका बहुआयामी अनुभव—डिप्लोमैट, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी, एमबीए और कॉस्ट मैनेजमेंट अकाउंटेंट के रूप में—उन्हें इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए और अधिक सक्षम बनाता है।
इस अवसर पर मुंबई के मशहूर वित्त विशेषज्ञ भरतकुमार सोलंकी ने समस्त जैन समाज को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महावीर सिंघवी की यह नियुक्ति केवल समाज के लिए ही नहीं, बल्कि देश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि कड़ी मेहनत, बहुआयामी शिक्षा और वैश्विक दृष्टिकोण के साथ युवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं।
सोलंकी ने आगे कहा कि इस नियुक्ति से विदेशों में व्यापार और नौकरी के अवसरों की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। भारतीय युवाओं के लिए नए रास्ते खुलेंगे, खासकर उन लोगों के लिए जो वैश्विक स्तर पर करियर बनाना चाहते हैं। उन्होंने इसे “नई पीढ़ी के लिए अवसरों का द्वार” बताते हुए कहा कि ऐसे पदों पर भारतीयों की बढ़ती भागीदारी देश की साख को भी मजबूत करती है। समाज के विभिन्न संगठनों और प्रमुख व्यक्तियों ने भी महावीर सिंघवी को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की है कि उनके नेतृत्व में भारत-कनाडा संबंधों को नई दिशा मिलेगी और प्रवासी भारतीयों के हितों को और मजबूती मिलेगी।
टोरंटो में भारत के नए कॉन्सुल जनरल बने महावीर सिंघवी, जैन समाज में खुशी की लहर

