शाहीबाग,अहमदाबाद,। परिवार को स्वस्थ, खुशहाल और जीवन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, अहमदाबाद द्वारा परिवार उत्कर्ष कार्यशाला का आयोजन साध्वीश्री अणिमाश्रीजी के सान्निध्य में तेरापंथ भवन, शाहीबाग में किया गया। कार्यशाला तीन चरणों में आयोजित हुई।
प्रथम चरण में परिवार के साथ मिलकर भोजन,भजन, भाषण और भ्रमण करना चाहिए यह बताते हुए मोटिवेशनल स्पीकर श्रीमती मिनी कोठारी ने कहा कि लाइफ को स्वस्थ और उत्तम बनाने के लिए Mind, Body, Soul और Heart को स्वस्थ रखना जरूरी है।
इसके लिए उन्होंने 7 Habits को जीवन में अपनाने पर जोर दिया। द्वितीय चरण में साध्वीश्री अणिमाश्रीजी ने परिवार में उत्कर्ष के दर्शन कैसे हो और रिश्तों को मजबूत बनाने पर प्रेरणादायी उद्बोधन दिया। एवं वर्तमान में चल रही सट्टा जैसी बुराइयों से बचने के लिए उपस्थित श्रावकों को प्रत्याख्यान भी करवाया। साध्वीश्री डॉ. सुधाप्रभा जी ने कहा कि परिवार में समझ, संस्कार और त्याग की भावना होनी चाहिए, तभी परिवार में उत्कर्ष, विकास और प्रगति संभव है।
साध्वीश्री समत्वयशा जी ने “बिना धर्म के घर वीराना लगता है, हैप्पी होम में रहना अच्छा लगता है” सुमधुर स्वर लहरी के साथ अपने भाव प्रस्तुत किए। साध्वीश्री कर्णिका श्री जी ने संचालन करते हुए कहा कि जिस परिवार में प्रेम, सामंजस्य, शांति और सहिष्णुता होगी, वह घर मंदिर बनेगा और आनंद के परमाणु पुनित होंगे। तृतीय चरण में मोटिवेशनल स्पीकर श्री दिनेश बुरड़ ने अपनी ओजस्वी शैली में 55 की उम्र के बाद बचपन जैसा जीवन कैसे जिया जाए, इस पर प्रकाश डाला।
उन्होंने भाइओ को प्रेरित होते कहा व्यापार से दूर रहें व्यापार की जिम्मेदारी बच्चों को सोंप दे,जीवन में एनर्जी और उत्साह के साथ जिएं, अपनी मिल्कत का कुछ हिस्सा अपने पास रखें, आपको कहां रहना है इसका निर्णय आप स्वयं करें और अपनी वसीयत अवश्य बनाएं। महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि शरीर स्वस्थ है तब तक कार्यरत रहें, आसपास की मंथराओं से सावधान रहें और सास-बहू की नोंक-झोंक को आपस में ही निपटा लें। अंत में उन्होंने धर्माराधना और बारह व्रत अंगीकार कर जीवन को उत्कर्ष बनाने की प्रेरणा दी। कार्यशाला संयोजक श्री सुरेश बागरेचा ने आभार व्यक्त किया। श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा,अहमदाबाद अध्यक्ष राकेशजी सिपानी एवं अन्य पदाधिकारियों द्वारा दोनों मोटिवेशनल स्पीकर्स का सम्मान किया गया।
स्वास्थ्य और परिवार- खुशियों का आधार परिवार उत्कर्ष कार्यशाला का आयोजन

