सुरभि सलोनीसुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Reading: सरकार ने 10 बैंकों के विलय का फैसला लिया, इनका कुल कारोबार 55.81 लाख करोड़ रुपए का होगा
Share
Font ResizerAa
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
Font ResizerAa
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Search
  • Business
  • entertainment
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Surabhi Sloni All Rights Reserved.
national

सरकार ने 10 बैंकों के विलय का फैसला लिया, इनका कुल कारोबार 55.81 लाख करोड़ रुपए का होगा

Last updated: August 30, 2019 5:18 pm
Surabhi Saloni
Share
3 Min Read
File Photo
SHARE

नई दिल्ली. सरकार ने शुक्रवार को बैंकिंग सेक्टर के लिए बड़ा ऐलान किया। 10 सरकारी बैंकों का विलय कर दिया। इस मर्जर के बाद 4 बड़े सरकारी बैंक बनेंगे, जिनका कुल कारोबार 55.81 लाख रुपए करोड़ का होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फैसले का ऐलान किया। 2017 में देश में 27 सरकारी बैंक थीं, अब यह 12 रह जाएंगी। वित्त मंत्री ने कहा- पिछले साल तीन बैंकों के विलय से फायदा हुआ, रिटेल लोन ग्रोथ में 25% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

बैंकों के विलय का ऐलान

  • सीतारमण ने ऐलान किया कि पीएनबी, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का विलय होगा। तीनों मिलकर दूसरा बड़ा सरकारी बैंक बनेंगे, संयुक्त कारोबार मिलाकर 17.95 लाख करोड़ रुपए होगा।
  • कैनरा और सिंडिकेट बैंक का भी विलय होगा, दोनों मिलकर चौथा सबसे बड़ा बैंक बनेंगे।
  • यूनियन बैंक का आंध्रा बैंक और कार्पोरेशन बैंक ऑफ इंडिया में विलय होगा, ये पांचवा सबसे बड़ा बैंक बनेगा। कारोबार 14.59 लाख करोड़ रुपए का हो जाएगा।
  • इंडियन बैंक, इलाहाबाद बैंक के विलय से 7वां बड़ा बैंक बनेगा, कारोबार 8.08 करोड़ रुपए होगा।
  • वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि 27 बैंकों की जगह अब 12 सरकारी बैंक होंगे।

नीरव मोदी जैसे केस रोकने के लिए एसबीएस लागू किया

  • वित्त मंत्री ने कहा कि 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी का लक्ष्य हासिल करने के लिए सरकार कई कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि लोन रिकवरी रिकॉर्ड स्तर पर हुई है और 250 करोड़ रुपए से ज्यादा के हर कर्ज पर हमारी नजर है।
  • सीतारमण ने कहा कि भगोड़ा आर्थिक अपराध कानून के जरिए कई भगोड़ों की संपत्तियां जब्त कीं, उन्हें वापस लाने की कोशिशें जारी हैं।
  • “नीरव मोदी जैसे मामलों को रोकने के लिए स्विफ्ट बैंकिंग सिस्टम (एसबीएस) लागू किया। अब तक 3.85 लाख शेल कंपनियां बंद कीं।”
  • वित्त मंत्री ने बताया कि बैंक रेपो रेट से जुड़े प्रोडक्ट लॉन्च करने को कहा था। इसका नतीजा यह निकला 8 सरकारी बैंकों ने इससे जुड़े होम, व्हीकल, कैश-क्रेडिट लोन जैसे प्रोडक्ट लॉन्च किए।
  • “लोन डॉक्यूमेंट्स की निश्चित समय सीमा में वापसी करने को कहा गया था। इसके बाद निर्देश जारी किए गए, जिन्हें लागू करवाने के लिए सीबीएस और रीजनल मैनेजर को जिम्मेदारी दी गई।”
  • उन्होंने बताया- एनपीए में कमी आई है। एनपीए की रकम 8.65 लाख करोड़ रुपए से घटकर 7.90 लाख करोड़ रुपए रह गई। कर्ज वसूली 14 सरकारी बैंकों का मुनाफा बढ़ा है। तीन बैंकों के विलय से फायदा हुआ, रिटेल लोन ग्रोथ में 25% बढ़ोतरी हुई है।

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.

By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Copy Link Print
Share
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Previous Article Article 370 हटने के बाद पहली बार श्रीनगर पहुंचे जनरल बिपिन रावत
Next Article पनवेल में पर्युषण महापर्व धर्म आराधना

आज का AQI

Live Cricket Scores

Latest News

अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल द्वारा आचार्य श्री तुलसी कर्तृत्व पुरस्कार हेतु आवेदन आमंत्रित
social
September 2, 2026
अक्षय ओबेरॉय और हेली दारूवाला स्टारर ‘लव लॉटरी’ का रोमांटिक गाना ‘नज़र लग जाएगी’ रिलीज़
entertainment
September 2, 2026
संदेश गौर ने कर रहे दिग्गज अभिनेता मनीष खन्ना और निर्देशक अजीत वर्मा के साथ की हिंदी फिल्म “ज़िद्दी छोरा” के लिए शूटिंग
entertainment
September 2, 2026
नारी में त्याग, शक्ति और संतुलन का समन्वय जरूरी : डॉ. समकित मुनिजी
social
September 2, 2026

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Follow US
© 2026 Surabhi Saloni All Rights Reserved. Disgen by AjayGupta
  • About Us
  • Privacy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • Contact
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?