विकास धाकड़/शिशोदा। पूज्य प्रवर,आचार्य श्री महाश्रमणजी के इंगित की आराधना करतें हुवें उपासकजी श्री प्रकाश जी धाकड़ नें कंचन सदन के प्रांगण में शनिवार की सामायिक संपन्न करवाई उपासक महोदय नें तेरापंथ प्रबोध सें शुरू करकें समता की साधना के द्वारा अपना सम्यकत्व कैसे पुष्ठ हों, इसके ऊपर बहुत सरल एवं ओजस्वी वाणी द्वारा विस्तार सें प्रकाश डालते हुवें, काव्यात्मक शब्दों द्वारा देव, गुरु, एवं धर्म के ऊपर आस्था रखते हुवें, अपने दुर्लभतम मनुष्य का सार निकालते हुवें, अपने परम् लक्ष्य की और अग्रसर हों।
सभी नें ॐ अर्हंम् की ध्वनि सें अभिवादन किया। इसको सफल बनाने में शिशोदा श्रावक समाज की सराहनीय सहभागिता रही।

