नई दिल्ली:सीबीआई की विशेष अदालत ने शनिवार को रिश्वत कांड में केंद्रीय जांच एजेंसी के पूर्व स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना और डीएसपी देवेंद्र कुमार को क्लीन चिट दे दी। सीबीआई की ओर से दायर चार्जशीट पर सहमति देते हुए विशेष जज संजीव अग्रवाल ने कहा कि अस्थाना और कुमार के खिलाफ आगे कार्रवाई के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं। अगर भविष्य में जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो हम देखेंगे। जांच एजेंसी ने 11 फरवरी को दायर चार्जशीट में अस्थाना और अन्य आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के सबूत नहीं होने की बात कही थी।
कोर्ट ने कहा कि इस मामले के आरोपी मनोज, उसके भाई सोमेश्वर प्रसाद और उसके ससुर सुनील मित्तल के खिलाफ भी पर्याप्त सबूत नहीं है। अदालत ने सोमेश्वर प्रसाद और मित्तल को 13 अप्रैल को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।
मीट कारोबारी के करीबी ने रिश्वत लेने का आरोप लगाया था
सीबीआई ने हैदराबाद के कारोबारी सतीश साना की शिकायत पर अक्टूबर 2018 में अस्थाना और कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया था। अस्थाना की अगुवाई में एक टीम मीट कारोबारी मोइन कुरैशी और साना के खिलाफ एक मामले में जांच कर रही थी। सना ने अस्थाना पर 10 करोड़ रुपए रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। उसने अस्थाना को दिसंबर 2017 के बाद 10 महीनों में रिश्वत की रकम देने की बात कही थी। हालांकि, अस्थाना और कुमार को आरोपी बनाने के पर्याप्त सबूत न मिलने पर इनके नाम चार्जशीट के कॉलम 12 में रखे गए थे।
विवादों में रहे हैं राकेश अस्थाना
सीबीआई में दूसरे नंबर पर तैनात रह चुके राकेश अस्थाना पहले भी विवादों में रह चुके हैं। पहले वह सीबीआई के पूर्व डॉयरेक्टर आलोक कुमार से चले तनाव को लेकर विवादों में रहे। इसके बाद सीबीआई ने उनके खिलाफ ही भ्रष्टाचार निरोधी कानून के तहत केस दर्ज कर लिया था। बाद में सरकार ने अफसरों का तबादला कर दिया तो मामला कुछ शांत हुआ।

