ज्ञान, शील, दर्शन, जप, तप एवं वीर्य शक्ति को मजबूत करें: भक्तिशिला जी महाराज
नालासोपारा। पर्वाधिराज पर्युषण का आज चौथा दिन है, पूरे मुम्बई व आसपास के उपनगरों में धर्म, आराधना, जप, तप के बीच विशेष प्रवचनों का क्रम चल रहा है। इस मामले में नालासोपारा में साध्वीवृन्द अपने प्रवचनों के माध्यम से अमृत वर्षा कर रही हैं। प्रवचन में आज का विषय तप की तेजस्विता रहा। यहां के दामोदर हॉल में डॉ. धर्मशिला जी महाराज की सुशिष्या पूज्य डॉ. चारित्रशिला जी महाराज, डॉ. भक्तिशिला जी महाराज एवं मैत्रीशिला जी महाराज चतुरमासार्थ विराजित हैं।
अपने प्रवचन में मैत्री शिला जी महाराज ने अंतगडादशा सूत्र को आगे बढ़ाते हुए कृष्ण वासुदेव का ध्यान, द्वारिका नगरी में दीक्षा लेने पर पालन-पोषण की घोषणा, चौथे-पांचवें वर्ग में अंतर सहित रानी पद्मावती की दीक्षा एवं जप, तप, संथारा का विवरण देते हुए प्रथम अध्याय का समापन करते हुए धर्म अध्यात्म एवं अच्छे कर्मों की पालना करने की प्रेरणा दी।
डॉ भक्तिशिला जी महाराज ने अपने प्रवचन में आज सिद्ध प्राप्ति के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि धर्म रूपी इमारत बनाने के लिए श्रद्धा रूपी नींव का गहरी और पाये का मजबूत होना जरूरी है। आपने कहानियों के माध्यम से श्रेणिक महाराज की सुंदर कहानी के माध्यम से समझाया कि वे कैसे श्रद्धा, भक्ति करते हुए महावीर भगवान के उपासक बने। जीवन में किसी भी प्रकार की मुश्क़िलों का सामना हंसते हुए करें। दुख को पूर्व जन्मों के कर्म मानकर वर्तमान में अच्छे कार्य करें। आपने श्रावक-श्राविकाओं से विधि पूर्वक सामयिक करने की अपील की और कहा कि सामयिक 32 दोषों को टालता है। आपकी तप, साधना निर्मल होनी चाहिए। ज्ञान, शील, दर्शन, जप, तप एवं वीर्य शक्ति को मजबूत करें। भोग विलास का त्याग करें ताकि मनुष्य जीवन सफल हो सके।
आज नालासोपारा संघ में तीन दम्पतियों ने आजीवन ब्रम्हचर्य का त्याग लिया, जिनका श्रीसंघ द्वारा स्वागत किया गया। साथ ही विभिन्न बोलियां लगाई गई, जिसका संचालन प्रवीण इंटोदिया और नरेंद्र लोढा ने किया। कार्यक्रम का संचालन संघ के अध्यक्ष रमेशचंद्र इंटोदिया द्वारा किया गया।
इस अवसर पर तेरापंथ समाज नालासोपारा के पदाधिकारियों द्वारा 6 अक्टूबर को आयोजित मेगा ब्लड डोनेशन कैम्प के बैनर का अनावरण किया गया। अंत में लकी ड्रॉ एवं प्रश्नोत्तर किया गया। अंत में डॉ चारित्रशिला जी महाराज द्वारा तपस्वियों को पचखान कराया गया एवं मंगलपाठ सुनाकर कार्यक्रम का समापन किया गया।
कार्यक्रम में स्थानकवासी समाज नालासोपारा के संघ, महिला मंडल, नवयुवक मंडल के तमाम पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं की उपस्थिति रही।
पर्युषण पर नालासोपारा आनंद-अंबेश दरबार में चल रही है अमृत वर्षा

