नई दिल्ली: सेना के पूर्व अफसर ने शुक्रवार को दावा किया कि ब्रिटेन और कनाडा में रहने वाले पाकिस्तानी मुस्लिम खालिस्तानियों की मदद कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के कुछ गुरुद्वारों में भी इन गतिविधियों में काफी पैसा सहायता राशि के तौर पर दिया जा रहा है।
रिटायर्ड मेजर जनरल ध्रुव सी.कटोच के मुताबिक, इस काम के लिए सबसे ज्यादा फंड कनाडा और ब्रिटेन से आ रहा है। हालांकि, इस काम में वहां की सरकार शामिल नहीं है। दरअसल, ब्रिटेन में पाकिस्तान से आए मुस्लिम बड़ी संख्या में रहते हैं। यह समुदाय बेहद मुखर माना जाता है।
वर्ल्ड कप के मैचों में भी इसकी झलक दिखी- कटोच
कटोच ने कहा- यह लोग पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ लगातार संपर्क में हैं। वे ऐसी ही एक मूवमेंट ब्रिटेन में भी शुरू करने की कोशिश में हैं। मूल रूप से फंडिंग दो देशों से हो रही है। इंग्लैंड में हो रहे वर्ल्ड कप मैचों में भी यह देखने को मिला।
पाकिस्तान कई सालों से एक ही एजेंडे पर काम कर रहा है। इसमें भारत की शांति और सद्भाव को प्रभावित करने के प्रयास होते हैं। सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो हैं, जिनमें सिख समुदाय के लोग खालिस्तान समर्थित स्लोगन बोलते दिखते हैं। इन्हें आईएसआई ही फंड मुहैया करवाता है।
कटोच के मुताबिक- भारत की अखंडता पर चोट करने के लिए पाकिस्तान प्रो-खालिस्तान एजेंडा को हवा देता है। इसमें आईएसआई की भी भूमिका है। पाकिस्तान मैन पावर और वस्तुओं के जरिए खालिस्तान समर्थकों की मदद करता है।
खालिस्तान मूवमेंट को 1990 के दशक में भारतीय सुरक्षा बलों ने पूरी तरह से खत्म कर दिया था। इसमें कुछ निर्दोष लोग भी मारे गए थे। पाकिस्तान लगातार भारत में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, वह पंजाब में ऐसा करने में नाकाम रहा है।

